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JNU कैंपस के बाहर लगे भगवा झंडे और’भगवा जेएनयू’ के पोस्टर

15 Apr, 2022
Employee
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रामनवमी के दौरान कथित तौर पर मांसाहारी भोजन पर हुए विवाद को लेकर करीब एक हफ्ते बाद हिंदू सेना ने JNU और आसपास के इलाकों के मुख्य द्वार के पास ‘भगवा जेएनयू’ पोस्टर और भगवा झंडे लगा दिए।

नई दिल्ली: दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो छात्र समूहों के बीच हिंसक झड़प के कुछ दिनों बाद, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और उसके आसपास के क्षेत्रों सहित जेएनयू परिसर के चारों ओर ‘भगवा जेएनयू’ के पोस्टर और भगवा झंडे लगाए गए। दरअसल, रामनवमी के अवसर पर मांसाहारी भोजन को लेकर ये झड़प हुई थी जिसके बाद राईट विंग्स के एक समूह ने शुक्रवार, 15 अप्रैल को ‘भगवा जेएनयू’ का पोस्टर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर लगा दिया। वायरल हुए विजुअल्स में दक्षिण दिल्ली विश्वविद्यालय के गेट के कंक्रीट आर्क पर स्थापित कम से कम आठ झंडे दिखाई देते हैं, जिसमें ABVP और JNUSU के बीच झड़प देखी जा सकती है। 

हालाँकि, दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने इस बारे में पता चलते ही सभी पोस्टर हटा दिए और उचित कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मालूम हो, रामनवमी पर जेएनयू में कैंपस विवाद के बाद खबर आती है, जिसमें लेफ्टिस्ट छात्र और ABVP के सदस्य 10 अप्रैल को आपस में भिड़ गए थे। जहाँ लेफ्टिस्ट छात्रों ने दावा किया कि उन्हें मांसाहारी भोजन खाने से वंचित कर दिया गया वहीं ABVP सदस्यों ने दावा किया कि leftist student उन्हें रामनवमी पर छुट्टी मनाने और पूजा करने से रोक रहे थे। पुलिस ने जानकारी दी कि दोनो समूहों के बिच हुए हिंसा में छह छात्र घायल हुए थे। हालांकि, दोनों समूहों ने दावा किया कि दोनों पक्षों के 60 से अधिक छात्र घायल हुए हैं। 

कुछ छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात एबीवीपी सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। वहीं, एबीवीपी के सदस्यों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जेएनयू प्रशासन ने घटना की स्वतंत्र जांच शुरू कर दी है और छात्रों को चेतावनी दी है कि उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय ने भी छात्रों से शांति बनाए रखने को कहा है।

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वहीं, हिंदू सेना के नेता सुरजीत सिंह यादव ने झंडे लगाने की जिम्मेदारी ली और एक वीडियो में बयान जारी करते हुए कहा, “जेएनयू परिसर में नियमित रूप से भगवा का अपमान किया जा रहा है। हम ऐसा करने वालों को चेतावनी देना चाहते हैं। अपने तरीके सुधारें। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आपकी विचारधारा और हर धर्म का सम्मान करते हैं। लेकिन भगवा के अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हम कड़े कदम उठा सकते हैं।”

JNU प्रशासन ने कहा की इस तरह की हिंसा कैंपस में बर्दास्त नी की जाएगी और छात्रों को चेतवानी दी की वो कैंपस के शांति भंग करने में शामिल ना हो। वहीं, शिक्षा मंत्रालय ने JNU प्रशासन से पुरे मामले का विवरण माँगा है।

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