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विश्व डेयरी सम्मेलन 48 वर्षों बाद ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया गया, PM ने किया उद्घाटन

12 Sep, 2022
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अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ के 4 दिवसीय विश्व डेयरी सम्मेलन का ग्रेटर नोएडा में आगाज हुआ। इसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया।

ग्रेटर नॉएडा /गौतमबुद्ध नगर : अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ के 4 दिवसीय विश्व डेयरी सम्मेलन का ग्रेटर नोएडा में आगाज हुआ। इसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया।

विश्व डेयरी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी, साथ में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंडियन एक्सपो मार्ट में विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व डेयरी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि दुनियाभर के डेयरी सेक्टर के विशेषज्ञ और इनोवेटर्स भारत में एकजुट हुए हैं. मोदी ने कहा कि डेयरी सेक्टर ना सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देता है, बल्कि ये दुनिया भर में करोड़ों लोगों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है।

जनता का अभिवादन करते हुए PM मोदी

पीएम के संबोधन की अहम बातें

विश्व के अन्य विकसित देशों से अलग, भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत छोटे किसान हैं, भारत के डेयरी सेक्टर की पहचान जन स्तर पर उत्पादन से ज्यादा जनसाधारण द्वारा उत्पादन से है।

संबोधन करते हुए मोदी

आज भारत में डेयरी कॉपरेटिव का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है।

ये डेयरी कॉपरेटिव्स देश के 2 लाख से ज्यादा गांवों में, करीब-करीब 2 करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करती हैं।

भारत के डेयरी उद्योग का नेतृत्व वास्तव में महिलाओं के हाथों में है। भारत ने साल 2014 में 146 मिलियन टन दूध का उत्पादन किया था, जो बढ़कर 210 मिलियन टन हो गया है।

भारत के डेयरी सेक्टर में महिलाएं 70% की भागीदारी का प्रतिनिधित्व करती हैं; भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार हमारे देश की महिलाएं हैं। इतना ही नहीं, भारत के डेयरी कॉपरेटिव्स में भी एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं ही हैं।

यह सम्मेलन आज से शुरू होकर 15 सितम्बर तक चलेगा. विश्व डेयरी सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय डेयरी उद्योग से जुड़े उद्यमी,किसान,नीति निर्माता और विशेषज्ञ सहित लगभग 50 देशों के 1500 से अधिक लोग शिरकत कर रहे है. केंद्रीय डेयरी, मत्स्य और पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने बताया कि इससे दुग्ध उत्पादकों को अत्यधिक लाभ होगा.

सम्मेलन का विषय:

इस सम्मलेन का विषय ‘पोषण और आजीविका के लिए डेयरी’ (Dairy for Nutrition and Livelihood) पर आधारित है. सम्मलेन में डेयरी उद्द्योग की मदद से लोगों के लिए अधिक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने सम्बंधित उपायों पर विचार किया जायेगा. साथ ही पोषण से जुड़े विषयों पर भी ध्यान केन्द्रित किया जायेगा.

पहली बार 1974 में आयोजित हुआ था ऐसा सम्मलेन

विश्व डेयरी सम्बंधित सम्मेलन बहुत दिनों बाद आयोजित किया जा रहा है. भारत में इससे पहले वर्ष 1974 में इस तरह का सम्मेलन आयोजित किया गया था. अब 48 वर्षों बाद आयोजित किया जा रहा है. भारत में इस प्रकार का यह दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन है.

विश्व डेयरी की ओफ्सियल फोटो

विश्व डेयरी सम्मेलन से फायदा क्या होगा ?

सहकारी मॉडल: यह सम्मलेन इस मायने में अद्वितीय है कि यह एक सहकारी मॉडल पर आधारित है. जो छोटे और सीमांत डेयरी किसानों को सशक्त बनाएगा. साथ ही इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को भी सशक्त बनाएगा.

भारतीय डेयरी उद्योग की सफलता: इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय डेयरी उद्योग की सफलता के बारे में भी विश्व जगत को अवगत कराया जायेगा. यही कारण है कि भारत आज वैश्विक दुग्ध जगत में 23 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है.

पीएम मोदी का विजन: प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी सोच और प्रयासों से सरकार ने डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाएं है. जिसके परिणाम स्वरुप पिछले 8 वर्षों में दूध उत्पादन में 44 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है. इस सम्मलेन में इन उपलब्धियों पर भी चर्चा की जाएगी, जो आगे डेयरी जगत को मदद कर सके.

210 मिलियन टन दूध का उत्पादन: एक वर्ष में भारत में लगभग 210 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता है. जिसका प्रभाव 8 करोड़ डेयरी किसानों को सशक्त बना रहा है. अतः इस सम्मेलन की मदद से भारतीय डेयरी किसानों को दुग्ध उत्पादन की विश्व की सर्वोत्तम प्रथाओं के बारें में जानकारी का एक बेहतर अवसर प्राप्त होगा.    

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