नोएडा प्राधिकरण ने शहर के दो दर्जन से अधिक बिल्डरों को तलब किया

17 Jan, 2024
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नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा शहर के दो दर्जन से अधिक बिल्डरों को प्राधिकरण कार्यालय में तलब किया है। बुधवार यानि आज इन बिल्डरों के साथ कई बिंदुओं पर चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि 42 बिंदुओं पर तैयार किए गए गणना प्रपत्र सौंपे जाएंगे और इसके बाद पैकेज पर हस्ताक्षर कराये जाएंगे।

आपको बता दें कि यूपी सरकार द्वारा केंद्र द्वारा गठित अमिताभ कांत कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के फ्लैट बॉयर्स की समस्याओं के समाधान पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए बिल्डरों को भी बकाये पर छूट दी जा रही है। इसी के तहत पिछले दिनों भी नोएडा के बिल्डर्स और प्राधिकरण अधिकारियों के बीच बैठक हो चुकी है, लेकिन उस बैठक में सभी बिल्डर उपस्थित नहीं हो सके थे। बुधवार को दो दर्जन से अधिक बिल्डर को प्राधिकरण कार्यालय पर बुलाया गया है।

इस बैठक में प्राधिकरण अधिकारियों की ओर से बिल्डरों पर कुल बकाये की जानकारी दी जाएगी। करीब 28-30 बिल्डरों को 42 बिंदुओं के आधार पर तैयार प्रपत्र सौंपने की तैयारी है। प्राधिकरण अधिकारियों की ओर से यह बताया जाएगा कि कोविड काल की छूट के बाद उन पर कितना बकाया है। इस आधार पर उनको 25 प्रतिशत राशि के तौर पर कुल कितनी राशि चुकानी होगी, यह प्रपत्र सौंपने के बाद बिल्डरों को एक-दो दिन के लिए अध्ययन का मौका दिया जाएगा। जिसके बाद प्राधिकरण की ओर से बकाया पैसा चुकाने के बाद पैकेज साइन करने को कहा जाएगा।

बिल्डरों को दी जाएगी यह जानकारी: नोएडा प्राधिकरण की ओर से तैयार किए गए गणना प्रपत्र में कुल बकाया, छूट के बाद कुल बकाया, ओसी जारी होने की जानकारी, कितने फ्लैट अधूरे हैं, डिफॉल्टर बिल्डर, कितने की रजिस्ट्री होनी है, कितने फ्लैटों में बिना रजिस्ट्री के लोग रह रहे हैं, इसकी जानकारी दी जाएगी। निबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से नोएडा प्राधिकरण के दौरे के दौरान भी यह सवाल उठाए गए हैं कि अगर बिना रजिस्ट्री के कोई फ्लैट खरीदार रह रहा है तो प्राधिकरण को इसकी रजिस्ट्री करानी चाहिए ताकि निबंधन विभाग को स्टांप शुल्क मिल सके।

बिल्डरों की मांग: बिल्डरों का कहना है कि उन्हें पहले एनजीटी की छूट दी जाए, इसके बाद कोविड काल के जीरो पीरियड की छूट मिलनी चाहिए। फिर कुल बकाया निकालना चाहिए, लेकिन प्राधिकरण ऐसा नहीं कर रहा है। बिल्डरों का साफ कहना है कि पहले कोविड काल और बाद में एनजीटी काल की छूट मिलने पर उनकी बकाये की राशि बढ़ जाएगी। ऐसे में यह गणना सही नहीं है।

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