Mission Gaganyaan: पहले ट्रायल को तैयार गगनयान, अगले साल भारतीय कर सकेंगे अंतरिक्ष की यात्रा

11 Jul, 2022
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मिशन गगनयान की तैयारियां लगभग पूरी हो गयी हैं. गगनयान के पहले ट्रायल में इसे खली भेजा जाएगा और दुसरे ट्रायल में महिला रोबोट को भेजने का फैसला किया गया है. इन दोनों मिशन की सफलता के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाएगा.

नई दिल्ली: भारत का गगनयान मिशन अपने सफलता की उचाईयों को छुने के लिए पूरी तरह तैयार है. केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया है कि गगनयान मिशन की तैयारी पूरी हो चुकी है. गगनयान का पहला ट्रायल खाली होगा उसके बाद दूसरे ट्रायल में इसरो द्वारा डेवेलप की गयी व्योम मित्र नाम की महिला रोबोट को भेजा जयेगा. ये दोनों ट्रायल इस साल के अंत तक पूरे होंगे. दोनों ट्रायल के आधार पर तीसरा ट्रायल होगा जिसमें दो लोगों को अंतरिक्ष में भेजे जाने का निर्णय लिया गया है.

केंद्रीय मंत्री ने गगनयान मिशन को हमारे देश का इकलौता अन्तरिक्ष मिशन बताया है जिसके तहत अन्तरिक्ष यात्रियों को स्पेस में भेजा जायेगा. मिशन के तहत ISRO तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी से 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा के लिए भेजेगा. इन अतंरिक्ष यात्रियों को सात दिन के लिए पृथ्वी की लो-ऑर्बिट में चक्कर लगाना होगा. पहले ट्रायल में गगनयान का मानव रहित मिशन G1 होगा जिसके बाद दुसरे ट्रायल में व्योममित्र नाम की महिला रोबोट को भेजा जाएगा.

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आपको बता दें कि अंतरिक्ष एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री ड़ॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत दुनिया में तेजी के साथ प्रगति करने वाला देश बन गया है. अंतरिक्ष में गगनयान भेजने की तैयारी लगभग पूरी हो गयीं हैं. उम्मीद है की 2023 में हमें एक बड़ी कामयाबी मिलेगी. पीएम मोदी ने साल 2018 में एक भाषण के दौरान कहा था कि साल 2022 के गगनयान मिशन के तहत कोई भी भारतीय अंतरिक्ष यात्री गगनयान की सवारी कर सकेगा. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है की साइंस की दुनिया में गगनयान भारत की सफलता का नया इतीहास रचेगा.

अंतरिक्ष एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री ड़ॉ जितेंद्र सिंह

गगनयान मिशन के लिए भारतीय वायुसेना के चार पायलट्स रूस के गैगरीन कॉस्मोनॉट्स ट्रेनिंग सेंटर में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने में सफल रहे हैं. इसके लिए IAF के 4 पायलटों ने रूस में ट्रेनिंग पूरी कर ली है जिसमें एक ग्रुप कैप्टन , बाकी तीन विंग कमांडर हैं. इन्हें गगननॉट्स (Gaganauts) कहा जाएगा. इन लोगों ने मॉस्को के पास जियोजनी शहर में स्थित रूसी स्पेस ट्रेनिंग सेंटर में एस्ट्रोनॉट्स बनने का प्रशिक्षण किया है.

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सूत्रों के मुतबिक ISRO ने 13 मई 2022 को गगनयान मिशन के लिए आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में ह्यूमन रेटेड सॉलिड रॉकेट बूस्टर (HS200) का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था. बताया गया है कि इस गगनयान लॉन्‍च के लिए 500 से ज्‍यादा इंडस्‍ट्री शामिल हैं और इसके लिए बहुत से रिसर्च मॉड्यूल बनाए गए हैं, जिसमें भारत में विकसित रिसर्च मॉड्यूल भी शामिल है.