जानिए- देश की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी का इतिहास….

10 Dec, 2022
Deepa Rawat
Share on :

1980 के चुनावों में विभाजित जनता पार्टी की हार हुई। भारतीय जनसंघ, जनता पार्टी से अलग हो गया और अब उसने अपना नया नाम ‘भारतीय जनता पार्टी’ रख लिया।इस समय पार्टी संसट के दौर से गुजर रही थी। अटल बिहारी वाजपेयी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया।

नई दिल्ली: भारत देश में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी है। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में की गई थी। इससे पहले 1977 से 1979 तक इसे ‘जनता पार्टी’ के नाम से जाना जाता था और उससे पहले 1951 से 1977 तक ‘भारतीय जनसंघ’ के नाम से जाना जाता था। 

ये भी पढ़े: जानिए-हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का इतिहास,कब किस पार्टी के नेता राज्य के मुख्यमंत्री बने?

भारतीय जनता पार्टी के इतिहास को तीन अलग-अलग भागों में बांटा जा सकता है-

  1. भारतीय जनसंघ
  2. जनता पार्टी
  3. भारतीय जनता पार्टी

भारतीय जनसंघ की स्थापना

भाजपा का राजनीतिक इतिहास-bjp political history
File Photo

‘भारतीय जनसंघ’ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी। पार्टी को पहले आम चुनाव में कोई खास सफलता नहीं मिली, लेकिन इसे अपनी पहचान स्थापित करने में कामयाबी जरुर प्राप्त हो गई थी। भारतीय जनसंघ ने शुरु से ही कश्मीर की एकता गौ-रक्षा, जमींदारी प्रथा और परमिट-लाइसेंस-कोटा राज आदि समाप्त करने जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से जोर दिया था। कांग्रेस का विरोध करते हुए जनसंघ ने राज्यों में अपना संगठन फैलाने और उसे मजबूती प्रदान करने का काम प्रारम्भ किया, लेकिन चुनावों में पार्टी को आशा के अनुरूप कामयाबी प्राप्त नहीं हुई। कांग्रेस का विरोध करने के लिए जनसंघ ने जयप्रकाश नारायण का समर्थन किया। जयप्रकाश नारायण ने श्रीमती इंदिरा गांधी के खिलाफ नारा दिया कि “सिंहासन हटाओं कि जनता आती है।” 1975 में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की। इस दौरान दूसरी विपक्षी पार्टियों की तरह जनसंघ के भी हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं को जेल में डाला गया।

जनता पार्टी की स्थापना

1977 में आपातकाल की समाप्ति के बाद हुए चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। तब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने और भारतीय जनसंघ के अटल बिहारी वाजपेयी को विदेश मंत्री और लालकृष्ण आडवाणी को सूचना और प्रसारण मंत्री बनाया गया लेकिन ये सरकार अधिक दिनों तक टिक नहीं सकी, क्योंकि आपसी गुटबाजी और लड़ाई की वजह से सरकार तीस माह में ही गिर गई।

भारतीय जनता पार्टी की स्थापना

File Photo

1980 के चुनावों में विभाजित जनता पार्टी की हार हुई। भारतीय जनसंघ, जनता पार्टी से अलग हो गया और अब उसने अपना नया नाम ‘भारतीय जनता पार्टी’ रख लिया। इस समय पार्टी संसट के दौर से गुजर रही थी। अटल बिहारी वाजपेयी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। दिसंबर,1980 में मुंबई  में भारतीय जनता पार्टी का पहला अधिवेशन हुआ। भाजपा ने कांग्रेस के साथ अपने विरोध को जारी रखा और पंजाब और श्रीलंका को लेकर तत्कालीन इंदिरा गांधी की सरकार की आलोचना की।

1996 में भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभर कर आई

1996 में भाजपा ने 161 सीटें जीतीं और लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, पर बहुमत नहीं होने से 13 दिन में ही सरकार गिर गई। 1998 के मध्यावधि चुनावों में भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ NDA बनाया और सत्ता में आई। 1999 में अन्नाद्रमुक ने समर्थन वापस ले लिया और सरकार गिर गई। अक्टूबर-1999 में NDA ने 303 सीटें जीतीं और स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा 183 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। 2004 में वाजपेयी के नेतृत्व में इंडिया शाइनिंग का नारा दिया गया, पर चला नहीं और कांग्रेस के 222 की तुलना में उसे 186 सीटें ही मिलीं। 2009 में भाजपा की सीटें घटकर 116 रह गईं। 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 282 सीटें जीतीं और 543 में से NDA ने 336 सीटों पर जीत हासिल की। मोदी 26 मई 2014 को देश के 15वें प्रधानमंत्री बने। 1984 के बाद पहली बार किसी पार्टी को लोकसभा में बहुमत मिला था। इसके बाद भाजपा ने 2019 में 303 सीटों पर जीत हासिल की और इतिहास रच दिया।


bhartiye janta party desh ki sabse badi party kb banni
Bhartiye janta party ka itihaasbjp ka itihaasdesh ki sabse baddi party ka itihaasdeshhit newshistory of bhartiye janta partykon se year mai bhartiye janta party desh ki sabse baddi party banni

Edit By Deshhit News

News
More stories
जानिए-हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों का इतिहास,कब किस पार्टी के नेता राज्य के मुख्यमंत्री बने?