Japan Earthquake: जापान से सामने आये ड़रावने मंजर, कहीं भूकंप नें मचाई तबाही तो कहीं बुलेट ट्रेन पटरी से उतरी

17 Mar, 2022
Deepa Rawat
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भूकंप के कारण 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. कई घरों में नुकसान की भी खबरें हैं।

नई दिल्ली: टोक्यो जापान में भूकंप आने के बाद तबाही मची हुई है. समाचार एजेंसी एएफपी ने बताया कि भूकंप के तुरंत बाद जापान की राजधानी टोक्यो और अन्य शहरों में 20 लाख घरों से बिजली चली गयी और घर हिंसक रूप से हिलने लगे। इस शक्तिशाली भूकंप के प्रभाव को दिखाते हुए जापान से कई भयानक वीडियो भी सामने आ रहे हैं। जहाँ कार्यालयों में, कंप्यूटर स्क्रीन, डेस्क से निचे गिरे दिखाई दिए वहीं सुपरमार्केट में सामान बिखरे नजर आएं और सड़कों पर दरारें आ गई।

रात 8.06 बजे आए भूकंप की तीव्रता 7.4 बताई जा रही है जिसका केंद्र टोक्यो से 297 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम इलाके में हुई. यह क्षेत्र उत्तरी जापान का हिस्सा है, जो 2011 में नौ तीव्रता वाले विनाशकारी भूकंप और सुनामी से तबाह हो गया था. इस भूकंप के कारण 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हैं. कई घरों में नुकसान की भी खबरें हैं। वहीं, एक बुलेट ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई जिसकी विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी. फुटेज में, ट्रेन के अंदर से हड़पते और खड़खड़ाते हैंडल दिखाई दे रहे हैं. पूर्वी जापान रेलवे कंपनी के अनुसार, यामाबिको 223 फुकुशिमा स्टेशन से गुजरने के बाद शिरोशी ज़ाओ स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर पटरी से उतर गया। शिरोशी ज़ाओ स्टेशन पर रुकने की तैयारी में ट्रेन की गति लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी। 

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जापान की ईस्ट निप्पॉन कंपनी ने जानकारी दी है कि सुरक्षा के लिहाज से देश में कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. ईस्ट निप्पॉन कंपनी ने यह भी बताया की कई एक्सप्रेसवे की आवाजाही पर रोक लगा दिया गया है. 

एएफपी के अनुसार, इमारतों को ज्यादा नुकसान नही हुआ जबकि फुकुशिमा शहर के उत्तर में एक बुलेट ट्रेन पटरी से उतर गई और सेंडाई में एक पत्थर की दीवार गिर गई। अधिकारियों द्वारा कुछ क्षेत्रों में सामान्य से 30 सेंटीमीटर अधिक जल स्तर दर्ज किए जाने के बाद सुनामी की चेतावनी जरी की गई थी, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया।

जापान के प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार अभी भी हर नुकसान का आकलन करने की कोशिश कर रही है और आपातकालीन सेवाओं के लिए कॉल करने का विकल्प भी दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा भी किया.

बता दें, देश ने 2011 में अपनी सबसे बड़ी तबाही देखी थी, जब फुकुशिमा में भूकंप और सूनामी में 18,000 लोग मारे गए थे।

मालूम हो, जापान में भूकंप का खतरा इतना ज्यादा इसलिए है क्योंकि यह प्रशांत क्षेत्र “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है, जो लगभग 40,000 किलोमीटर लंबाई में भूकंपीय रूप से सक्रिय बेल्ट है।

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