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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का जन्मदिन बीजेपी के कार्यकर्ता “सेवा और समर्पण के साथ पर्यावरण के संरक्षण के रूप में मनाएंगे”

05 Mar, 2022
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भारत के इतिहास में ऐसे मुख्यमंत्री बने है जो कहते है की हर व्यक्ति को रोज कम से कम एक पेड़-पौधा लगाना चाहिए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 63 वां जन्मदिन मना रहे है उनका जन्म 5 मार्च 1959 सिहोर जिले के जैत गाँव में हुआ था  उनके पिता का नाम प्रेम सिंह चौहान है और मां का नाम सुंदरबाई चौहान है वर्ष 1975 में आदर्श उच्चतम माध्यमिक विद्यालय भोपाल के छात्र संघ के अध्यक्ष बने और उसके बाद आपातकाल का विरोध किया साथ ही अनेक जन समस्याओं के समाधान के लिए आन्दोलन किए और कई बार जेल भी गए उसके बाद वह वर्ष 1976 में 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्वयं संघ में भी शामिल हुए.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

आज उनका जन्मदिन के मौके पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भारत के इतिहास में ऐसे मुख्यमंत्री बने है जो कहते है की हर व्यक्ति को रोज कम से कम एक पेड़-पौधा लगाना चाहिए चाहे वह कितना भी व्यस्त क्यों न हो  इसलिए बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने आज जन्मदिन के मौके पर फैसला लिया है की वह इसे सेवा और समर्पण के साथ पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के रूप में मनाएंगे साथ ही उनके कार्यकर्ता प्रदेश के हर जिले में इसका प्रचार करने के साथ वह खुद पेड़ भी लगाएंगे.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश में पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए पौधे में पानी दे रहे हैं

अपने कॉलेज के दिनों में शिवराज सिंह चौहान बीजेपी की छात्र विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और 1977-78 के दौर में एबीवीपी की भोपाल इकाई के सचिव बने, 1978 से 80 के बीच संयुक्त सचिव बने और 1980-82 में एबीवीपी के प्रदेश मंत्री बने। उनका सफर यही नहीं रूका, शिवराज 1982-83 में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य नियुक्त किए गए। शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के बरकतुल्ला विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में एमए किया है। वे दर्शन शास्त्र में गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

राजनीतीक सफलताओं के बीच प्रदेश की कन्याओं से मिलते शिवराज सिंह

राजनैतिक करियर की बात करे तो शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्रेयर की शुरुआत वर्ष 1990 में बुधनी से की थी यहाँ से वह पहली बार विधायक चुनकर आये थे फिर उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया और उन्हें फिर विदिशा लोकसभा सीट दिया गया और वह 10 वीं लोकसभा में सांसद बनकर आये उसके बाद उन्हें प्रदेश पार्टी का महासचिव बना दिया गया भारतीय जनता पार्टी ने उन पर फिर भरोसा जताया और 11 वीं लोकसभा 1996 में उन्हें टिकेट दे दिया गया वह 11 वीं लोकसभा में भी जीतकर आये उसके बाद उन्होंने कभी मुड़कर नही देखा शिवराज सिंह आगे बढ़ते गये और सनासाद में लम्बा सफ़र करने के बाद 2002में उन्हें पार्टी की तरफ से बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बना दिया गया कुल मिलकर वह पांच बार सांसद बनें.  

राजनितिक करियर को आगे बढ़ाते शिवराज सिंह चौहान

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वह केंद्र की राजनीती से मुड़कर वापिस राज्य की राजनीती में लौटे और पहली बार 29 नवम्बर 2005 को मुख्यमंत्री बने दूसरी बार 2008 को और तीसरी बार 2013 में बने उसके बाद 2018 तक वह इस पद पर बने रहे इसके बाद कांग्रेस सत्ता में आई और कुछ महीने के बाद उसकी सरकार गिर गई और 13 मार्च 2020 को बीजेपी वापिस सत्ता में लौटी और शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बने.  

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