अमिताभ बच्चन जून 2000 में वे पहले ऐसे एशिया के व्यक्ति थे जिनकी लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में वैक्स की मूर्ति स्थापित गई थी। वे शुद्ध शाकाहारी हैं और 2012 में ‘पेटा’ इंडिया द्वारा उन्हें ‘हॉटेस्ट वेजिटेरियन’ करार दिया गया। पेटा एशिया द्वारा कराए गए एक कांटेस्ट पोल में एशिया के सेक्सियस्ट वेजिटेरियन का टाईटल भी उन्होंने जीता है।
नई दिल्ली: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन आज अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सितारे में स्पेशल अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर आज हम आपको बिग बी के बारे में उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बात बताएंगे।

बचपन में अमिताभ बच्चन का नाम था इंकलाब

अमिताभ बच्चन का जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले में हुआ। उनके पिता का नाम हरिवंश राय बच्चन था। उनके पिता हिंदी जगत के मशहूर कवि रहे हैं। उनकी मां का नाम तेजी बच्चन था। उनके एक छोटे भाई भी हैं जिनका नाम अजिताभ है। अमिताभ का नाम पहले इंकलाब रखा गया था लेकिन उनके पिता के साथी रहे कवि सुमित्रानंदन पंत के कहने पर उनका नाम अमिताभ रख दिया गया।
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अमिताभ नैनीताल के शेरवुड कॉलेज के रहे है छात्र

अमिताभ बच्चन शेरवुड कॉलेज, नैनीताल के छात्र रहे हैं। इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोरीमल कॉलेज से की थी। पढ़ाई में भी वे काफी अव्वल थे और कक्षा के अच्छे छात्रों में उनकी गिनती होती थी। कहीं ना कहीं ये गुण उनके पिताजी से ही आए थे क्योंकि वे भी जानेमाने कवि रहे थे।
करियर के शुरुआती दिनों में अमिताभ बच्चन को करना पड़ा काफी दिक्कतों को सामना

अमिताभ बच्चन की शुरूआत फिल्मों में वॉयस नैरेटर के तौर पर फिल्म ‘भुवन शोम’ से हुई थी लेकिन अभिनेता के तौर पर उनके करियर की शुरूआत फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से हुई। इसके बाद उन्होंने कई फिल्में कीं लेकिन वे ज्यादा सफल नहीं हो पाईं। करियर के शुरूआती दौर में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उनकी फिल्में लगातार फ्लाप हो रही थीं। तब वे वापिस घर लौटने का मन बना चुके थे लेकिन फिल्म जंजीर उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बन गई और फिल्म इंडस्ट्री में ‘एंग्री यंग मैन’ का उदय हुआ। उन्हें असली पहचान फिल्म ‘जंजीर’ से मिली थी। यह फिल्म अमिताभ से पहले कई बड़े अभिनेताओं को ऑफर हुई थी। जिसमें मशहूर अभिनेता राजकुमार भी शामिल थे लेकिन राजकुमार ने इस फिल्म को यह कहकर ठुकरा दिया था कि डायरेक्टर के बालों के तेल की खुशबू अच्छी नहीं है। 70 और 80 के दौर में फिल्मी सीन्स में अमिताभ बच्चन का ही आधिपत्य था। इस वजह से फ्रेंच डायरेक्टर फ़्राँस्वा त्रुफ़ो ने उन्हें ‘वन मैन इंडस्ट्री’ तक करार दिया था।
भारी आवाज होने के कारण कई बार किया गया रिजेक्ट

भले ही आज जिस अमिताभ बच्चन के आवाज की पूरी दुनिया कायल है लेकिन एक समय था जब उनकी आवाज उनके करियर में रोड़ा बन रही थी और उन्हें नकार दिया गया था और उनकी आवाज औरों से काफी जुदा और भारी थी, इस वजह से उन्हें कई निर्देशकों ने कई फिल्मों में अपनी कहानी को नैरेट तक करवाया लेकिन बाद में उनकी दमदार आवाज ही उनकी ताकत बनी फिल्म ‘जंजीर’ उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने लगातार हिट फिल्मों की झड़ी तो लगाई ही, इसके साथ ही साथ वे हर दर्शक वर्ग में लोकप्रिय हो गए और फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय का लोहा भी मनवाया। फिल्मों में बोले गए उनके डॉयलाग आज भी लोगों के दिलों में ताजा हैं। उनके सुपरहिट करियर में उनके फिल्मस के डॉयलाग्स का भी अहम रोल रहा है।
अमिताभ बच्चन की फेमस फिल्म प्रसिद्ध फिल्में

सात हिंदुस्तानी, आनंद, जंजीर, अभिमान, सौदागर, चुपके चुपके, दीवार, शोले, कभी कभी, अमर अकबर एंथनी, त्रिशूल, डॉन, मुकद्दर का सिकंदर, मि. नटवरलाल, लावारिस, सिलसिला, कालिया, सत्ते पे सत्ता, नमक हलाल, शक्ति, कुली, शराबी, मर्द, शहंशाह, अग्निपथ, खुदा गवाह, मोहब्बतें, बागबान, ब्लैक, वक्त, सरकार, चीनी कम, भूतनाथ, पा, सत्याग्रह, शमिताभ जैसी शानदार फिल्मों ने ही उन्हें सदी का महानायक बना दिया।
अभिनेत्री रेखा से अफेयर की चर्चा बनी गॉसिप का विषय

अमिताभ बच्चन की शादी जया बच्चन से हुई लेकिन शादी के बाद भी रेखा से उनके अफेयर की चर्चा उस समय लोगों के गॉसिप का विषय बनी हुई थी। अमिताभ बच्चन और रेखा दो ऐसे सितारे हैं, जिन्हें परदे पर एक-साथ देखना दर्शक बेहद पसंद करते हैं। एक समय था, जब यह हर फिल्ममेकर की पहली पसंद हुआ करते थे। इसलिए, अधिकतर निर्माता-निर्देशक इन्हें बतौर कपल अपनी फिल्म में लेना चाहते थे। इतना ही नहीं, इनके अफेयर की खबरें भी लगातार चर्चा में रहती थीं। लेकिन उस समय अमिताभ जया बच्चन से शादी कर चुके थे। जया से शादी करने के बाद भी अमिताभ का नाम रेखा के साथ हमेशा जुड़ता रहा है। बॉलीवुड की मशहूर प्रेम कहानियों में रेखा और अमिताभ बच्चन की प्रेम कहानी भी काफी दिलचस्प रही, हालांकि दोनों ने कभी इस बारे में खुलकर बात नहीं की।
तो कुछ इस तरह हुई अमिताभ की जया से शादी

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन हिंदी सिनेमा की मशहूर जोड़ी है।अमिताभ बच्चन की जया से मुलाकात 1971 में फिल्म ‘गुड्डी’ के सेट पर हुई थी और 3 जून, 1973 को शादी के बंधन में बंधे थे। इनकी लाइफ में काफी उतार चढ़ाव आए लेकिन दोनों का एक दूसरे पर से भरोसा कभी डगमगाया नहीं। महानायक अमिताभ बच्चन ने 48 साल पहले एक्ट्रेस जया बच्चन को अपना जीवनसाथी बनाया था। एक-2 फिल्म में दोनों ने साथ काम किया और शादी करने का फैसला लिया। अमिताभ इतनी जल्दी शादी करना नहीं चाहते थे लेकिन उन्हें अपने पिता जी की वजह से जल्दबाजी में शादी करनी पड़ी। इनकी शादी इतनी जल्दबाजी में हुई कि बस कुछ चुनिंदा लोग ही इसका हिस्सा बन पाए। खुद बिग बी ने अपने ब्लॉग में बताया था कि उनकी शादी इतनी जल्दबाजी में क्यों हुई। उन्होंने बताया कि जंजीर सफल रही और एक वादा था कि यदि फिल्म सफल हुई तो हम सभी यानी हमारे दोस्तों का पूरा गैंग लंदन हॉलिडे के लिए जाएगा!’

हमने अपने पेरेंट्स को बताया कि हम अपने सभी दोस्तों के साथ इंग्लैंड जा रहे हैं…बाबूजी की तरफ से सवाल आया कि कौन-कौन जा रहे…फिर नाम सामने आया …जया भी तुम्हारे साथ जा रही…तुम दोनों अकेले जा रहे हो… हां…यदि तुम्हें आगे शादी करनी है तो जाओ…ओके.. पंडित और फैमिली को सूचना दी गई…अगले दिन सब सेट… रात की फ्लाइट…और फ्लाइट से पहले हमारी शादी हो गई।
अमिताभ बच्चन पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित है

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर उन्हें 3 बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा 14 बार उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुका है। फिल्मों के साथ साथ वे गायक, निर्माता और टीवी प्रजेंटर भी रहे हैं। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री और पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा है। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं। जिसमें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी शामिल है। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स और कई अवार्ड समारोहों में उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वे 14 फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीत चुके हैं। उन्हें फिल्मफेयर में सबसे ज्यादा 39 बार नामांकित किया जा चुका है। उन्हें भारत सरकार की तरफ से 1984 में पद्मश्री, 2001 में पद्मभूषण और 2015 में पद्मविभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं।
अमिताभ के करियर का बुरा दौर
बिग बी कि फिल्में अच्छा बिजनेस कर रही थीं कि अचानक 26 जुलाई 1982 को कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगी गई। दरअसल, फिल्म के एक एक्शन दृश्य में अभिनेता पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें मेज से टकराकर जमीन पर गिरना था लेकिन जैसे ही वे मेज की तरफ कूदे, मेज का कोना उनके आंतों में लग गया। जिसकी वजह से उनका काफी खून बह गया और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि ऐसा लगने लगा कि वे मौत के करीब हैं लेकिन लोगों की दुआओं की वजह से वे ठीक हो गए।
राजनीति में प्रवेश

कुली में लगी चोट के बाद उन्हें लगा कि वे अब फिल्में नहीं कर पाएंगे और उन्होंने अपने पैर राजनीति में बढ़ा दिए। उन्होंने 8वें लोकसभा चुनाव में अपने गृह क्षेत्र इलाहाबाद की सीट से उ.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री एचएन बहुगुणा को काफी ज्यादा वोटों से हराया लेकिन राजनीति में ज्यादा दिन वे नहीं टिक सके।

जब उनकी कंपनी एबीसीएल आर्थिक संकट से जूझ रही थी तब उनके मित्र और राजनीतिज्ञ अमर सिंह ने उनकी काफी मदद की थी। बाद में अमिताभ ने भी अमर सिंह की समाजवादी पार्टी को काफी सहयोग किया। उनकी पत्नी जया बच्चन ने समाजवादी पार्टी को ज्वाइन कर लिया और वे राज्यसभा की सदस्य बन गईं। अमिताभ ने पार्टी के लिए कई विज्ञापन और राजनीतिक अभियान भी किए।
राजनीति के बाद फिल्मों में की फिर से वापसाी

इसके बाद उन्होंने फिल्मों को ही अपने लिए उचित समझा और फिल्मेां से एक बार फिर उन्होंने वापसी की और फिल्म ‘शहंशाह’ हिट हुई। इसके बाद उनके अग्निपथ में निभाए गए अभिनय को भी काफी सराहा गया और इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला लेकिन उस दौरान बाकी कई फिल्में कोई खास कमाल नहीं दिखा सकीं।
2000 में आई फिल्म मोहब्बतें से फिल्मों में तगड़ी वापसी

2000 में आई मोहब्बतें उनके डूबते करियर को बचाने में काफी मददगार साबित हुई और फिल्म को और उनके अभिनय को काफी सराहा गया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया जिसे आलोचकों के साथ -साथ दर्शकों ने भी काफी पसंद किया। 2005 में आई फिल्म ‘ब्लैक’ में उन्होंने शानदार अभिनय किया और उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से एक बार फिर सम्मानित किया गया। फिल्म पा में उन्होंने अपने बेटे अभिषेक बच्चन के ही बेटे का किरदार निभाया। फिल्म को काफी पसंद किया गया और एक बार फिर उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। वे काफी लंबे समय से गुजरात पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उन्होंने टीवी की दुनिया में भी बुलंदियों के झंडे गाड़े हैं और उनके द्वारा होस्ट किया गया केबीसी बहुत पापुलर हुआ। इसने टीआरपी के सारे रिकार्ड तोड़ दिए और इस प्रोग्राम के जरिए कई लोग करोड़पति बने
सामाजिक कार्यों में आगे
इन सबके इतर अमिताभ बच्चन लोगों की मदद के लिए भी हमेशा आगे खड़े रहते हैं। वे सामाजिक कार्यों में काफी आगे रहते हैं। कर्ज में डूबे आंध्रप्रदेश के 40 किसानों को अमिताभ ने 11 लाख रूपए की मदद की। ऐसे ही विदर्भ के किसानों की भी उन्होंने 30 लाख रूपए की मदद की। इसके अलावा और भी कई ऐसे मौके रहे हैं जिसमें अमिताभ ने दरियादिली दिखाई है और लोगों की मदद की है। जून 2000 में वे पहले ऐसे एशिया के व्यक्ति थे जिनकी लंदन के मैडम तुसाद संग्रहालय में वैक्स की मूर्ति स्थापित गई थी।
बिग-बी पर कई किताबें भी लिखी जा चुकी हैं

अमिताभ बच्चन: द लिजेंड 1999 में, टू बी ऑर नॉट टू बी: अमिताभ बच्चन 2004 में, एबी: द लिजेंड (ए फोटोग्राफर्स ट्रिब्यूट) 2006 में, अमिताभ बच्चन: एक जीवित किंवदंती 2006 में, अमिताभ: द मेकिंग ऑफ ए सुपरस्टार 2006 में, लुकिंग फॉर द बिग बी: बॉलीवुड, बच्चन एंड मी 2007 में और बच्चनालिया 2009 में प्रकाशित हुई हैं।
शुद्ध शाकाहारी हैं बिग- बी
वे शुद्ध शाकाहारी हैं और 2012 में ‘पेटा’ इंडिया द्वारा उन्हें ‘हॉटेस्ट वेजिटेरियन’ करार दिया गया। पेटा एशिया द्वारा कराए गए एक कांटेस्ट पोल में एशिया के सेक्सियस्ट वेजिटेरियन का टाईटल भी उन्होंने जीता है।