पीएम मोदी ने सतत विकास ऊर्जा के वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा की हमें सौर ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती से काम करने की जरुरत है

04 Mar, 2022
Deepa Rawat
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हमें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हमें मजबूती से करने की जरुरत है क्योंकि ये भारतीय परंपरा के अनुरूप है बल्कि भविष्य की जरूरतों और आकांक्षाओं को प्राप्त करने का भी एक मार्ग है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हमें सभी परिस्थितियों के अनुकूल चलते हुए भारत को मजबूती से आगे लेकर जाना है तो हमें सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काफी तेजी से विकास करना चाहिए और सतत विकास के लिए ऊर्जा न केवल आगे पीएम ने कहा कि भारत हरित हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र हो सकता है क्योंकि अक्षय ऊर्जा की पर्याप्त उपलब्धता देश को एक अंतर्निहित लाभ देती है।

पीएम मोदी सतत विकास ऊर्जा वेबिनार को संबोधित करते हुए

पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य की परिस्थितियों को देखते हुए हाइड्रोजन पारिस्थितिकी तंत्र उर्वरकों, रिफाइनरियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़ा हुआ है इसलिए उन्होंने इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र द्वारा नवाचार का आह्वान भी किया साथ पीएम ने कहा कि मैं निजी क्षेत्र से वादा करता हूं कि सरकार आपके प्रयासों में आपके साथ है।”

प्रधानमंत्री की संबोधन के बीच में

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प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमने ग्लासगो में वादा किया है की हम 2070 तक नेट जीरो तक पहुंचना है और कॉप-26 में सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए लाइफ मिशन की बात की और आज हमको लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए हर घर के बालकनी और बगीचों में सोलर ट्री लगाने की जरुरत है जहाँ हमें ये घरेलू बिजली बनाने में 10 से 20 फीसदी मदद कर सकता है ये घर की पहचान भी बनेगा और सोलर ट्री वाला घर पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिकों का घर भी बनेगा.

संवाद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी

मोदी जी ने ऊर्जा कुशल उत्पादों की वकालत करते हुए कहा कि हमने LED बल्बों को बढ़ावा दिया है पहले जिस LED बल्ब की कीमत 300-400 रुपये हुआ करती थी वह आज बहुत कम कीमत पर मिलती है क्योंकि  सरकार ने सबसे पहले LED बल्बों का उत्पादन बढ़ाया उसके बाद हमने उजाला योजना के तहत लगभग 37 करोड़ LED बल्ब वितरित किए आज स्थिरता के लिए ऊर्जा और उत्पादन हमारे लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमें भारत में अधिक ऊर्जा कुशल एसी, हीटर, गीजर, ओवन और इसी तरह के उपकरणों के निर्माण के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।”

संवाद अंतिम समय में

उन्होंने कहा कि इससे 48,000 मिलियन किलोवाट घंटे बिजली की बचत हुई है और गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिलों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपने लिए जो भी लक्ष्य निर्धारित किए हैं, मैं उन्हें एक चुनौती के रूप में नहीं बल्कि एक अवसर के रूप में देखता हूं.