उत्तर प्रदेश : विधानसभा चुनाव 2022 बेहद नजदीक है। चुनावों की तारीख का ऐलान से पहले ही प्रचार अभियान बहुत तेजी से हो चुका है। ऐसे में सवाल यह है कि यूपी की जनता का मूड क्या है। एक बार फिर योगी जी बने मुख्यमंत्री बनेंगे या अखिलेश यादव ,मायावती या प्रियंका वाड्रा कौन से सत्ता छीनने में कामयाब रहेंगे।सर्वे के अनुसार समाजवादी पार्टी ,बीजेपी को टक्कर देती नजर आ रही है। लेकिन सत्ता में आने में कामयाबी होती नहीं दिखाई दे रही है। सर्वे के मुताबिक यूपी में एक बार फिर योगी सरकार बनने जा रही है। 403 सीटों वाली यूपी विधानसभा में बीजेपी करीब 230 सीटों से 249 सीटें जीत सकती है। वहीं समाजवादी पार्टी 137 से 144 सीटों पर कब्जा बना सकती है। बीएसपी और कांग्रेस के प्रदर्शन में इस बार कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा। सर्वे नतीजे कहते हैं कि मायावती की पार्टी जहां 9 से 14 सीटों पर सिमट सकती है। तो कांग्रेस को महज 4-5 सीटें मिलेंगी।
किसको कितने प्रतिशत वोट होगा शेयर: सर्वे के अनुसार बीजेपी को यूपी में करीब 40% वोट मिल सकते हैं वहीं समाजवादी पार्टी को 33% वोटों पर कब्जा कर सकती है बीएसपी को 15% वोट मिल सकता है। तो कांग्रेस के हिस्से में 6.1% और अन्य के खाते में 5.9% वोट आ सकते हैं
पश्चिम यूपी में बीजेपी अब भी मजबूत :
सर्वे के अनुसार, पश्चिम यूपी में पिछले चुनाव के मुकाबले समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। लेकिन बीजेपी अब भी यहां सबसे अधिक सीटें जीतती दिख रही है। पश्चिमी यूपी की 97 सीटों में बीजेपी 50-55 जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी 25-30 सीटों पर कब्जा कर सकती है। बीएसपी को 0-1 और कांग्रेस को 1-2 सीटें मिलने की संभावना है। पश्चिम यूपी को लेकर सर्वे के नतीजे इसलिए भी दिलचस्प हैं, क्योंकि यूपी के इसी हिस्से में किसान आंदोलन का सबसे अधिक असर था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसानों की नाराजगी पूरी तरह खत्म हो गई है।
सेंट्रल यूपी में भी बीजेपी मजबूत
सेंट्रल यूपी की 35 सीटों की बात करें तो बीजेपी को यहां 18-22 सीटें मिल सकती हैं तो समाजवादी पार्टी 10-12 सीटें जीत सकती है। बीएसपी, कांग्रेस और अन्य के खातों में 1-2 सीटें रह सकती हैं।
पूर्वांचल में टक्कर दे रही समाजवादी पार्टी
पूर्वांचल में कुल 102 विधानसभा सीटें हैं। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि बीजेपी यहां 48-55 सीटें जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी भी यहां 40 से 50 सीटें जीतकर टक्कर दे सकती है। बीएसपी को यहां 4-5 सीटें मिल सकती हैं तो कांग्रेस का यहां भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है।