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झारखंड में BJP महिला नेता की दरिंदगी आई सामने, आदिवासी महिला को कैद कर करती थी जुल्म और अत्याचार

30 Aug, 2022
Employee
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Jharkhand BJP seema patra

झारखंड में पुलिस ने बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा के घर पर 8 सालों से बंधक दिव्यांग लड़की को आजाद करवाया. सीमा पात्रा के बेटे आयुष्मान ने घरेलू सहायिका सुनीता पर मां के जुल्मो-सितम की बात अपने दोस्त विवेक को बताई थी. विवेक ने रांची के डीसी को इस बारे में बाताया. फिर पुलिस ने सीमा के घर से सुनीता कोरेस्क्यू किया, सुनीता के शरीर पर जख्मों के कई निशान दिखे.

नई दिल्ली : मामला झारखंड राज्य का है। जहां रिटायर्ड आईएएस महेश्वर पात्रा के घर उनकी पत्नी आदिवासी महिला सुनीता को कैद कर जुल्म बरपा रही थी। सुनीता ने किसी तरह इस बात को बाहर पहुंचाया जिसके बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सुनीता को बचाया गया।

बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा

सुनीता की हालत इतनी खराब है कि वो बोल नहीं पा रही है ना चल पा रही है। रिम्स में भर्ती कराया गया है। सुनीता को करीब 8 साल से कैद करके रखा गया। भाजपा महिला नेत्री सीमा पात्रा उससे जीभ से फर्श साफ करवाती थी। गर्म तबे से सजा दिया करती थी ।

आदिवासी महिला सुनीता

इतना ही नहीं जब सीमा के बेटे ने इसका विरोध किया तो उसे भी मानसिक रोगी बताकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है।

भाजपा से है कनेक्शन

आदिवासी महिला काफी सालों ने सीमा पात्रा के घर काम करती थी

सीमा पात्रा ने अपने ट्विटर वायो में बेटे बचाओ बेटी पढ़ाओ का स्टेट कंवीनर बताया है, वहीं भाजपा कार्यकारिणी का सदस्य भी बताया है।आपको बता दें कि आदिवासी महिला काफी सालों ने सीमा पात्रा के घर काम करती थी। सुनीता दिल्ली भी रहकर गई। लेकिन सीमा पात्रा के जुल्म की कहानी सुनकर सब हैरान है।

पुलिस की मदद से सुनिता को कराया आजाद

आदिवासी महिला सुनीता

आयुष्मान ने इस बारे में विवेक को बताया को उन्होंने पुलिस की मदद से सुनिता को आजाद करवाया. विवेक सचिवालय में कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि जैसे ही ही उन्हें सुनीता पर हो रहे जुल्मों का पता लगा तो उन्होंने रांची के डीसी को इसकी सूचना दी. फिर पुलिस की टीम सीमा पात्रा के घर पहुंची तो उन्हें वहां सुनीता मिली, जिसके शरीर पर जख्मों के कई निशान थे.

आदिवासी महिला सुनीता

इस पूरे मामले पर सीमा ने बताया कि उन्होंने सुनीता के साथ ऐसा कुछ नहीं किया. उनका बेटा आयुष्मान मानसिक रोगी है. उसने उन पर झूठा इल्जाम लगाया है.पुलिस ने बताया कि सुनीता गुमला आदिवासी समुदाय की लड़की है. वह पिछले 8 सालों से सीमा के घर काम कर रही है. फिलहाल मामला दर्ज करके जांच की जा रही है और सच्चाई का पता लगाया जा रहा है. डीएसपी हटिया को मामले को इंवेस्टिगेट करने का निर्देश दिया गया है.

बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा

उधर, कांग्रेस की विधायक दीपिका ने इस मामले में बीजेपी नेत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

Edited By – Deshhit news

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