युद्ध के दौरान रूस पर लगे प्रतिबन्ध के बीच रूस भारत को बेचेगा सस्ता तेल, क्या भारत में हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम कम ?

15 Mar, 2022
Deepa Rawat
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भारत अपनी जरुरत का पेट्रोल-डीजल सऊदी अरब, यूएई, इराक, ईरान, कुवैत, ओमान और रूस से खरीदता है लेकिन रूस से अपनी जरुरत का मात्र 2 फीसदी तेल ही खरीदता है अब ऐसे में दोनों के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही हैं

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कई देशों ने रूस पर भारी प्रतिबन्ध लगायें है अब रूस एकमात्र ऐसा देश बन गया है जहाँ उसपर सबसे ज्यादा प्रतिबन्ध लगे हैं. यहाँ तक की यूरोप के कई देशों ने भी रूस पर कड़े प्रतिबन्ध लगाएं हैं जो सबसे ज्यादा रूस से गैस और पेट्रोल आयात करते हैं. जहाँ एक तरफ रूस भारी प्रतिबंधो से घिरा है वहीं वह भारत की ओर देख रहा है रूस के उपराष्ट्रपति ने कहा है कि वह अब भारत को उसकी जरुरत का तेल बेचेगा रूस अब ये भी चाहता है कि भारत तेल से हटकर अन्य वस्तुओं पर व्यापार करें. भारत भी रूस से अन्य वस्तुओं पर व्यापार करना चाहता है लेकिन अभी तक भारत सरकार का अधिकारिक बयान नहीं आया है कि रूस से इतनी बड़ी मात्रा में तेल खरीद और दूसरे क्षेत्रों में इन्वेस्ट करें.

रूस-भारत के सम्बन्ध दर्शाता है दोनों राष्ट्रध्यक्षों का मिलना

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भारत अपनी जरुरत का पेट्रोल-डीजल सऊदी अरब, यूएई, इराक, ईरान, कुवैत, ओमान और रूस से खरीदता है लेकिन भारत, रूस से अपनी जरुरत का मात्र 2 फीसदी तेल ही खरीदता है अब सवाल उठता है कि भारत रूस का इतना अच्छा मित्र देश है उसके बावजूद रूस से 2 फीसदी तेल ही क्यों खरीदता है. भारत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसके कई कारण है सबसा पहला रूस की भौगोलिक स्थिति में भी छिपा है. रूस के वो क्षेत्र जहाँ तेल का उत्पादन होता है, वो पूर्वी इलाके से थोड़ा दूर है. उत्तर से तेल लाने में दिक़्क़त ये है कि वो आर्कटिक क्षेत्र के पास है, जहाँ ज़्यादातर वक़्त बर्फ़ ही रहता है. तीसरा रास्ता है ब्लैक सी का जो इस समय बाधित चल रहा है और भारत भी तेल के मामले में किसी एक देश पर भी निर्भर नहीं रहना चाहता है.

पेट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं क्या?

भारत ने रूस में नेचरल गैस और तेल के लिए 16 बिलियन डॉलर के इन्वेस्ट कर रखा है लेकिन वह भारत को तेल नहीं देता बल्कि और देशों को दे देता है. रूस पर प्रतिबन्ध के बीच रूस भारत को सस्ता तेल बेचने को तैयार है लेकिन ऊपर जैसा कि हमने लिखा है रूस से तेल में लाने भारत को किन दिक्कतों का सामना करना पद सकता है. ये सच है कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में जो तेल का दाम बढ़ रहा है वह रूस पर प्रतिबन्ध लगने के कारण है. रूस-भारत तेल व्यापार में  जो सबसे बड़ी दिक्कत आ सकती है वह रूपये और रूबल को लेकर लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि जब इरान पर ऐसे ही कड़े प्रतिबंध लगे थे तब भी भारत ईरान से ‘बार्टर सिस्टम के तहत तेल खरीद रहा था. जहाँ एक तरफ भारत इरान से तेल लेता था और उसके बदले में उसे अनाज देता है. ऐसे जानकारों का मानना है की भारत रूस से ऐसे ही व्यापार कर सकता है.

भारत-रूस के तेल व्यापार को लेकर बातचीत दोनों राष्ट्रध्यक्षों की

रूस चाहता भी है कि भारत मुझसे तेल ख़रीदे और अन्य क्षेत्रो में इन्वेस्ट करें ऐसे में रूस पर लगे हुए प्रतिबंधों के बीच रूस की अर्थव्यवस्था जितनी नीचे गिरने वाली है उसे वह (भारत) बचा सकता है. दुनिया भर में तेल के दाम इसलिए भी बढ़ रहे हैं क्योंकि रूस पर प्रतिबन्ध लगे हुए हैं अगर वह भारत को सस्ता तेल बेचता है और अगर भारत उससे तेल खरीदता है तो शायद हो सके भारत में तेल के दाम कम हो. लेकिन अभी इस विषय पर भारत सरकार ने आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

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