रामलीला का कार्यक्रम भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक है। यह एक प्रकार का नाटक मंचन होता है, जो हिंदू धर्म के प्रमुख आराध्यों में से एक प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित होता है। इसका आरंभ दशहरे से कुछ दिन पहले होता है और इसका अंत दशहरे के दिन रावण दहन के साथ होता है।
रानीपुर/हरिद्वार : महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित ‘रामायण’ सबसे प्राचीन हिंदू ग्रंथों में से एक है। संस्कृत में लिखा गया यह ग्रंथ भगवान विष्णु के सातवें अवतार प्रभु श्री राम के ऊपर आधारित है। जिसमें उनके जीवन संघर्षों, मूल्यों, मानव कल्याण के लिए किये गये कार्यों का वर्णन किया गया है। रामायण के ही आधार पर रामलीला का मंचन किया जाता है, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जीवन का वर्णन देखने को मिलता है। देश के कई स्थानों पर नवरात्र के पहले दिन से रामलीला का मंचन शुरु हो जाता है और दशहरे के दिन रावण दहन के साथ इसका अंत होता है। इसी तरह हरिद्वार जिले में रानीपुर भेल सेक्टर 4 की रामलीला को भव्य बनाने हेतु रामलीला नाट्य मंचन समिति ने इस वर्ष भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयारी शुरु हो गई है। इस बार भी लीला में दशहरा पर्व पर श्री रामलीला में कलाकार सशक्त अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। विगत 40 वर्षों से अनवरत प्रवाहित हो रही प्रदेश की सबसे चर्चित रामलीलाओं में से एक श्रीराम भक्तिधारा अपने अगले चरण में पदार्पण कर चुकी है। भव्य तैयारियों के लिए रामलीला मंच सेक्टर 4 में 31 जुलाई को एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अध्यक्ष प्रदीप सैनी के मुताबिक विगत वर्ष के आय व्यय का ब्यौरा समिति के कोषाध्यक्ष राजबीर द्वारा प्रस्तुत किया गया। समिति के मुख्य निर्देशक सुशील त्रिपाठी ने कहा श्रीराम लीला कलश स्थापना व पूजन 18 सितंबर को व लीला आरंभ की तिथि 21 सितंबर तथा दशहरा 5 अक्टूबर को होगा। आपको बतादे की श्रीरामलीला में सशक्त अभिनय की छाप छोडऩे के लिए श्रीराम लीला मंच सामुदायिक केंद्र सेक्टर 4 में अभ्यास भी किया जायेगा। आगामी समय में पूर्वाभ्यास कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञों व कलाविदों के द्वारा कलाकारों को अभिनय के गुर सिखाए जाएंगे। बैठक में संरक्षक सर्व हरीश चंद्र, राजेंद्र मौर्य, मार्गदर्शक रमेश सिंह,लीला पुरोहित पूज्यनीय पंडित मंशा मणि एवं समिति के पदाधिकारियों अजीत सिंह,आशुतोष शर्मा,पंकज जैन,शुभम पाल,नितिन पाल आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान उज्जवल त्रिपाठी, नागेंद्र,रवि कश्यप,शुभम कश्यप,गुरमीत,शुभम,किशोर भगत सहित कलाकार समूह व मंडल सदस्य उपस्थित रहे।