शाहीन बाग में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल सकता है बुलडोजर

29 Apr, 2022
Deepa Rawat
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सरोजिनी नगर झुग्गी बस्ती को भी गिराने की कोशीश की गयी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकार को इसे रोकने का आदेश दिया।

दिल्ली में इन दिनों MCD अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन चला रही है. इसे लेकर दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में लोगों में खलबची मची हुई है. हाल यह है कि लोगों ने बुलडोजर के डर से खुद से ही सड़कों पर से अवैध कब्जा हटाना शुरू कर दिया है.

भाजपा शासित दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने सरिता विहार, जैतपुर और मदनपुर खादर वार्डों का निरीक्षण करते हुए बुधवार को सरकार की जमीन पर हुए अतिक्रमण का सर्वे शुरू कर दिया है. जिसमे उन्होंने कहा कि सड़कों को ‘अवैध कब्जे’ से मुक्त किया जाएगा। बता दें कि इसमें साउथ दिल्ली MCD ने शाहीन बाग जामिया नगर इलाके को भी चिन्हित कर रखा है जीसे लेकर इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है.

अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी) ने भी कल्याणपुरी इलाके में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के पास सड़क किनारे बनी कुछ अवैध दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। अपनी यात्रा के दौरान, सूर्यन ने कहा कि शाहीन बाग में भी इसी तरह का अभ्यास और अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाएगा। सूर्यन ने कहा, “हम उन क्षेत्रों में बुलडोजर चलाएंगे जहां बांग्लादेशी और रोहिंग्या बसे हैं और जहां अवैध अतिक्रमण हैं।”

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मालूम हो, शाहीन बाग क्षेत्र दिसंबर 2019 में अपने विरोध प्रदर्शन और नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के खिलाफ एक विशाल धरने के लिए सुर्खियों में आया था। मार्च 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों और COVID 19 महामारी के बाद वहां भारी भीड़ तितर-बितर हो गई थी।

गौरलतब है कि दिल्ली के जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर एक यात्रा निकाली गई थी. इस दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी. इस झड़प में पुलिसवाले और कई आम नागरिक घायल हुए थे. इसके बाद जहांगीरपुरी में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया था.

इसके अलावा, कुछ दिनों पहले सरोजिनी नगर झुग्गी बस्ती को भी गिराने की कोशीश की गयी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकार को इसे रोकने का आदेश दिया और झुग्गियों में रहने वाले लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखने को कहा। विध्वंस के खिलाफ कड़ी चेतावनी में, शीर्ष अदालत ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक अधिकारियों द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, और मामले की सुनवाई अगले सोमवार को निर्धारित की गई है।

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