आखिर क्यों ट्विटर पर ट्रेंड हुआ #स्टॉप वॉर

03 Mar, 2022
Deepa Rawat
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युद्ध कभी भी शांति का विकल्प नहीं हो सकता, क्योंकि शांति लोगों में समृद्धि, भाईचारा और समानता लाती है । – Twitter Netizens

नई दिल्ली: यूक्रेन और रूस का युद्ध वर्तमान समय में लोगों को इतिहास के उन युद्ध को याद दिला रहा है जिसने कई देशों को तवाह और मानवता को शर्मसार कर दिया था आज उनको इतिहास के उन पलों की याद दिलाते हुए द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब अमेरिका ने जापान के नागासाकी और हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए थे तब वहां पर भयावह मंजर लोगों को देखने को मिला था इसी को ध्यान में रखते हुए लोगों का मानना है की युद्ध अब रुकना चाहिए क्योंकि यूक्रेन और रूस का युद्ध अब काफी गंभीर लेता जा रहा है जिसमें कई देशों के स्टूडेंट्स की जान भी खतरे में है उसके साथ पूरी मानवता को भी शर्मसार होना पड़ रहा है.

प्रथम विश्व की स्थिति

लगभग सभी देशों के नागरिकों ने अब युद्ध को रोकने की बात की है और उन्होंने शांति के लिए दुनिया को प्रोत्साहित करने की बात भी की है उनका मानना है कि युद्ध कभी शांति नहीं लाता है  अब जब यूक्रेन और रूस का विवाद या युद्ध काफी नाजुक स्थिति में आ गया है तो अब सब कुछ शांति से निपटाया जाए साथ ही युद्ध लोगों को असहाय और भुखमरी की कगार पर ले जाता है.   

शांति की अपील करते हुए

इतिहास गवाह है कि युद्ध के कारण कई देश आर्थिक दृष्टि से सैकड़ों वर्ष पीछे चले गए हैं और मानवीय दृष्टि से कई सभ्यताएं युद्ध के कारण नष्ट हो चुकी हैं, ऐसे में अशांति से नहीं बल्कि शांति से सबकुछ निपटाना चाहिए.

Twitter Netizens: इतिहास गवाह है कि युद्ध हमेशा सर्वनाश की ओर ले जाता है।

जहाँ एक तरफ शांति लोगों में समृद्धि, भाईचारा और समानता लाती है तो दूसरी ओर युद्ध मानव जीवन में विनाशकारी परिणाम को दिखाती है साथ ही बच्चों और बूढों को एक विनाशकारी दिशा की ओर ले जाति है

युद्ध से बच्चे अनाथ हो जाते हैं

ट्विटर पर लोगों ने मानव जीवन की दृष्टि को भी दर्शाया लोगों का कहाँ है मृत्यु के बाद, हर किसी को दफ़न होने के लिए कुछ इंच भूमि की आवश्यकता होती है लेकिन वह जीवित रहते हुए पूरी पृथ्वी का मालिक बनना चाहता है एक तरफ मानव शांति की बात की बात करता है तो दूसरी ओर उसने परमाणु बम जैसे हथियार बनाकर उन्होंने मानव समाज के विनाश के लिए सामग्री तैयार की है

युद्ध अशांति को लता है

लोगों ने जहाँ युद्ध को रोकने की बात की तो दूसरी ओर उन्होंने आध्यात्मिकता पर भी बात की उनका कहना है की इतिहास गवाह है की केवल साधू संत ही वास्तविक शांति स्तापित कर सकते है ‘आध्यात्मिकता की अद्वितीय महानता से ही दुनिया भर में शांति और भाईचारा की स्थापना की जा सकती है.

विश्व में शांति आध्यात्मिकता से ही ला जा सकती है

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अंत में लोगों ने युद्ध को रोकने की मांग की तो दूसरी ओर उन्होंने यूएन पर भी सवाल उठाएं जब पूरी दुनिया शांति स्थापित करना चाहती है, लेकिन वह असफल रही। जैसा कि हम आजकल देखते हैं कि संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह से विफल रहा है साथ ही कहना है कि युद्ध कभी भी शांति का विकल्प नहीं हो सकता.