अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सात से नौ नवंबर तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय दीपोत्सव के दसवें संस्करण में इस बार देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी शामिल होंगे। वह पहली बार अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में दीपोत्सव का अनावरण करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहेंगे। आयोजन को भव्य बनाने के लिए रामनगरी में विशेष तैयारियां की गई हैं। इस बार अयोध्या में करीब 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के एक उपमुख्यमंत्री और पांच मंत्रियों के भी शामिल होने की जानकारी है।
उपराष्ट्रपति, CM योगी और राज्यपाल करेंगे रामलला की आरती
दीपोत्सव के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगा। शनिवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साथ भगवान श्रीरामलला की आरती करेंगे। इसके लिए दोपहर 2:30 बजे से 3 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंददेव गिरि उपराष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। इस मौके पर ट्रस्ट की धार्मिक समिति के पांच संत भी मौजूद रहेंगे।
रामनगरी में जलेंगे 30 लाख दीप
इस साल दीपोत्सव में एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। राम की पैड़ी पर करीब 30 लाख दीप जलाए जाएंगे। वहीं, राम मंदिर परिसर को भी लगभग एक लाख दीपों से रोशन किया जाएगा। मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलन की जिम्मेदारी वहां कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों को दी गई है। इस आयोजन में करीब 3,500 कर्मचारी और उनके परिजन भागीदारी निभाएंगे। मंदिर परिसर में दीप जलाने के लिए ट्रस्ट से जुड़े लगभग 1,500 श्रद्धालुओं की भी भागीदारी रहेगी।
रंगोली और दीपों से सज रही रामनगरी
दीपोत्सव को लेकर अयोध्या के प्रमुख मार्गों और आयोजन स्थलों को सजाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वागत के लिए रामकथा पार्क की ओर जाने वाले रास्ते पर आकर्षक रंगोलियां बनाई जा रही हैं। इन रंगोलियों में कमल के फूल, मंगल कलश, स्वस्तिक और दीपों की पारंपरिक आकृतियां उकेरी जा रही हैं। इसी रास्ते से मुख्यमंत्री मुख्य आयोजन स्थल रामकथा पार्क पहुंचेंगे। शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी सजावट और रोशनी की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के लिए बनाए गए 20 जोन और 53 सेक्टर
दीपोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अयोध्या धाम क्षेत्र को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के मुताबिक, प्रमुख कार्यक्रम स्थलों, मंदिरों और रामलीला आयोजन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ, एसडीआरएफ और एटीएस कमांडो भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से रामकथा पार्क तक फ्लीट रिहर्सल भी किया गया है।
तीन दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम
सात, आठ और नौ नवंबर तक चलने वाले दीपोत्सव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। देश-दुनिया से श्रद्धालु और पर्यटक इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। इस बार उपराष्ट्रपति की मौजूदगी, रामलला की विशेष आरती और 30 लाख दीपों का आयोजन दीपोत्सव को खास बना रहा है। रामनगरी में तैयारियां जोरों पर हैं और सभी की नजरें इस भव्य आयोजन पर टिकी हैं।