छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल ने केंद्र पर लगाया आरोप बोले ‘छत्तीसगढ़ को अस्थिर करने के लिए राज्य में की जा रही है अवैध फोन टैपिंग’

22 Jun, 2022
Deepa Rawat
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Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel

पूर्व सीएम डा. रमन ने जवाब में कहा, बघेल शंका में दे रहे ऐसा बयान, इनकी टैपिंग का कोई कारण नहीं

रायपुर: राज्य के कांग्रेस नेताओं की फोन टैपिंग और छत्तीसगढ़ सरकार को अस्थिर के आरोपों की आंच दिल्ली से रायपुर पहुंच गई है। मंगलवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र पर उनकी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में अवैध फोन टैपिंग की जा रही है। इस पर पूर्व सीएम डा. रमन सिंह ने कहा कि इनकी फोन टैपिंग का कोई कारण ही नहीं है। बघेल शंका में इस तरह का बयान दे रहे हैं।

पूर्व सीएम डा. रमन

सीएम बघेल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ खड़े लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के खिलाफ सीबीआइ छापे का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र गैर-भाजपा दलों द्वारा संचालित राज्य सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। बघेल ने यह बयान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र का सत्तारूढ़ गठबंधन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। बता दें कि सीएम बघेल राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ प्रकरण को लेकर तीन दिनों से दिल्ली में हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली में

इधर, सरकार के वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पेगासस के समय से फोन टैपिंग हो रही है। उसके अंश अभी भी मौजूद हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह से पूछा कि उन्होंने अपने शासनकाल में पेगासस की खरीदी की थी? इस बयान पर डा. रमन ने कहा कि मूल विषय यह है कि ईडी की पूछताछ से कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। नेशनल हेराल्ड मामले में कुल चार लोग शेयरधारक थे। इनमें मोतीलाल वोरा और आस्कर फर्नांडिस के पास 12-12 प्रतिशत शेयर थे। बाकी सभी शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

वोरा और फर्नांडिस अब दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में गड़बड़ी हुई है तो ईडी सोनिया गांधी और राहुल गांधी से ही तो पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी ईडी ने नौ घंटे तक पूछताछ की थी। तब मोदी कोई भीड़ और रैली लेकर ईडी कार्यालय नहीं गए थे।