Punjab political update: पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन सियासी सरगर्मियाँ अभी से चरम पर पहुँचती दिख रही हैं। गुरुवार को राजनीतिक दलों के भीतर टिकट को लेकर खींचतान, नेताओं के भावनात्मक जुड़ाव और सोशल मीडिया के जरिए दिए जा रहे संकेतों ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है।फतेहगढ़ साहिब से कांग्रेस के जिला प्रधान सुरिंदर सिंह रामगढ़ ने पूर्व विधायक कुलजीत नागरा की टिकट लगभग तय होने का ऐलान कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है।रामगढ़ ने NSUI के नेता इशरप्रीत सिंह को स्पष्ट तौर पर पार्टी अनुशासन में रहने की नसीहत दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई पार्टी लाइन से हटकर काम करता है, तो इसकी शिकायत हाईकमान तक भेजी जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में इशरप्रीत को संदेश भी भेजा जा चुका है।दूसरी ओर, प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक मानवीय पहल करते हुए फरीदकोट की एक बुजुर्ग महिला से फोन पर बातचीत की। यह महिला आम आदमी पार्टी की रैली में अपने घर से रोटियां बनाकर ले गई थीं। CM मान ने महिला की सराहना करते हुए कहा कि माताओं का आशीर्वाद सबसे बड़ा होता है।
महिला ने बताया कि वह कोटकपूरा के हरिएवाला गांव की निवासी हैं। सीएम मान ने उनसे मिलने का आश्वासन दिया और गांव की जरूरतों को पूरा करने की बात कही।महिला ने भी मुख्यमंत्री के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा कि वह पार्टी के साथ शुरू से जुड़ी हैं और आगे भी साथ रहेंगी। उन्होंने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
इस बीच, पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया पर एक रील साझा कर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया। रील में उन्होंने सीधे कुछ नहीं कहा, लेकिन बैकग्राउंड में चल रहे गाने के बोल, “पीठ पीछे बोलदे बड़े”, को उनके विरोधियों पर निशाना माना जा रहा है। बताते चलें कि हाल ही में उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने यह कहकर हलचल बढ़ा दी थी कि सिद्धू अब किसी पार्टी में सक्रिय नहीं हैं और कांग्रेस ने उन्हें 2022 के बाद कोई जिम्मेदारी नहीं दी।