कल अयोध्या में सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ संपन्, श्रमिको के बच्चों की शादी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया आशीर्वाद,पढ़े पूरी खबर

27 Nov, 2021
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अयोध्या, उ.प्र. : धर्म की नगरी के रूप में विख्यात अयोध्या में यूपी सरकार ने एक ऐसा सामूहिक विवाह कराया जिसमें अलग-अलग जिलों के श्रमिकों के बेटे और बेटियां शामिल हुए। एक ही मंडप के नीचे हजारों शादियां हुई। पंडित जी इस शादी में मंत्र पढे आशीर्वाद देने के लिए परिजनों के साथ खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ सांसद और विधायक मोजूद रहेअयोध्या जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज में सामूहिक विवाह समारोह संपन् हुआ।कल शुक्रवार को इसी मैदान में शहनाई की धुन बजती नजर आयी।जनपद अयोध्या में ‘उ.प्र. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड’ द्वारा आयोजित ‘सामूहिक विवाह समारोह’ में 5 जिलों के 3,915 जोड़ों के विवाह कार्यक्रम मे संपन् हुआ।

सामूहिक विवाह समारोह में 3915 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन करा था श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने इसको आयोजित किया था। इसीलिए इसमें श्रम विभाग में पंजीकृत दैनिक मजदूरों की बेटियां और बेटे ही दुल्हन और दूल्हे के रूप में नजर आएं। जिसमें अयोध्या से 32 मुस्लिम समेत 1472 जोड़ें, बाराबंकी जनपद से 11 मुस्लिम जोड़ें समेत 340 जोड़ें जनपद सुल्तानपुर से 43 मुस्लिम जोड़े समेत 806 जोड़ें,  जनपद अंबेडकरनगर से 8 मुस्लिम जोड़े समेत 315 जोड़ें और जनपद अमेठी से 32 मुस्लिम जोड़े समेत 611 जोड़ें विवाह के बंधन में बंधें।

दूल्हे और दुल्हन के परिवार से 10 लोग इस शादी में शामिल हुए। यानि एक जोड़े के साथ 20 लोग शादी में आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहे। प्रत्येक जोड़े को व्यवस्था के अंतर्गत पंडित जी बाकायदा मंत्रोच्चार के बीच शादी सम्पन्न कराया। दूल्हे और दुल्हन को पोशाक के लिए प्रत्येक को ₹5000 श्रम विभाग द्वारा अग्रिम दिये गये। जबकि 65000 रुपये शादी के समय प्रत्येक जोड़े को दिए गये।इसके अलावा खुद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य तो मौजूद रहें। इनके साथ सांसद और सभी विधायक भी आशीर्वाद देने के लिए कतार बद्ध खड़े दिखाई दिये।.

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए संचालित सभी योजनाएं उनके श्रम को सम्मान देने का एक अभियान है, क्योंकि श्रमिकों के पसीने पर ही राष्ट्र की आधारशिला निर्भर करती है।सामूहिक विवाह का कार्यक्रम दहेज की कुप्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को तिलांजलि देने का भी माध्यम बन रहा है।इसके द्वारा समाज के प्रत्येक तबके की कन्याओं को सम्मान देने का कार्य उत्तर प्रदेश सरकार कर रही है।कोरोना काल में सबसे पहले उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराने की योजना बनाई। उसके बाद देश के अन्य राज्यों ने भी उसको अंगीकार करते हुए अपने राज्य में श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता देने के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।