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MSME सेक्टर में तेजी लाने’ के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 808 मिलियन डॉलर को दी मंजूरी

31 Mar, 2022
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नई दिल्ली : PM मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज ‘एमएसएमई के प्रदर्शन को बेहतर और तेज करने (आरएएमपी या रैम्‍प)’ पर 808 मिलियन अमेरिकी डॉलर या 6,062.45 करोड़ रुपये के विश्व बैंक से सहायता प्राप्त कार्यक्रम को मंजूरी दी। आरएएमपी या रैम्‍प एक नई योजना है और इसकी शुरुआत वित्त वर्ष 2022-23 में होगी।

इसमें शामिल खर्च

इस योजना के लिए कुल परिव्यय 6,062.45 करोड़ रुपये या 808 मिलियन डॉलर है, जिनमें से 3750 करोड़ रुपये या 500 मिलियन डॉलर विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्‍त होंगे और शेष 2312.45 करोड़ रुपये या 308 मिलियन डॉलर का इंतजाम भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।

क्या है RAMP

सांकेतिक चित्र

‘एमएसएमई के प्रदर्शन को बेहतर करने और इसकी गति में तेजी लाने (आरएएमपी या रैम्‍प)’ दरअसल विश्व बैंक से सहायता प्राप्त केंद्रीय क्षेत्र की एक योजना है जिसके तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमओएमएसएमई) के विभिन्न कोरोना वायरस रोग 2019 (कोविड) सुदृढ़ता और रिकवरी उपायों के लिए आवश्‍यक मदद दी जा रही है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाजार एवं ऋणों तक एमएसएमई की पहुंच को बेहतर करना, केंद्र एवं राज्यों में स्थित विभिन्‍न संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारियों को बेहतर करना, एमएसएमई को देर से होने वाले भुगतान और आपूर्तिकर्ताओं द्वारा एमएसएमई को मुख्‍यत: पर्यावरण अनुकूल उत्पाद एवं प्रक्रियाएं ही मुहैया कराने से संबंधित मुद्दों को सुलझाना है।

राष्ट्रीय स्तर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का क्षमता निर्माण करने के अलावा आरएएमपी या रैम्‍प कार्यक्रम के तहत राज्यों में कार्यान्वयन क्षमता के साथ-साथ एमएसएमई की कवरेज बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

रोजगार सृजन क्षमता और लाभार्थियों की संख्या समेत प्रमुख प्रभाव

राज्यों के साथ विस्तृत सहयोग के माध्यम से आरएएमपी कार्यक्रम, रोजगार के अवसरों का सृजन करने वाला, बाजार को आगे बढ़ने वाला, वित्त की सुविधा देने वाला और कमजोर वर्गों तथा हरित पहल को समर्थन देने वाला सिद्ध होगा।

उन राज्यों में जहां एमएसएमई की उपस्थिति कम है, आरएएमपी के तहत कवर की गई योजनाओं के उच्च प्रभाव के परिणामस्वरूप, बड़े पैमाने पर औपचारिकता की शुरुआत होगी। एक बेहतर एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए इन राज्यों द्वारा विकसित एसआईपी, रोडमैप के रूप में कार्य करेंगे।

आरएएमपी; उद्योग मानकों, काम-काज के तरीकों में नवाचार और वृद्धि को बढ़ावा देने के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत मिशन को समर्थन देगा तथा एमएसएमई को प्रतिस्पर्धी व आत्मनिर्भर बनाने, निर्यात बढ़ाने, आयात को प्रतिस्थापित करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तकनीकी इनपुट प्रदान करेगा।

इस दायरे में आने वाले राज्य व जिले

सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एसआईपी तैयार करने के लिये आमंत्रित किया जायेगा तथा एसआईपी के तहत दिये जाने वाले प्रस्तावों को उनके मूल्यांकन के आधार पर वित्तपोषित किया जायेगा।

वित्तपोषण वस्तुनिष्ठ चयन मानदंड पर आधारित होगा तथा एसआईपी का मूल्यांकन और उसकी मंजूरी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा स्थापित कड़ी प्रक्रिया के जरिये दी जायेगी।

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