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बिहार में सभी धर्मों की होगी जातिगत जनगणना, सीएम नीतीश ने कहा, विभाग कर रहा है तैयारी

04 Jun, 2022
Sachin
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कोई राज्य जनगणना तो करा सकता है. लेकिन, केंद्र के ऊपर निर्भर करता है कि वह इसे मानता है या नहीं. बिहार में जातिगत जनगणना कराने के दौरान कर्नाटक मॉडल का जिक्र किया जा रहा है. पहले कहा जा रहा है कि बिहार देश का पहला राज्य होगा जहां जातिगत जनगणना होगी.

नई दिल्ली: बिहार में जातीय जनगणना को लेकर पिछले काफी समय से राजनीति चल रही है. कोई जातीय जनणना करवाने के समर्थन में है तो कोई इसके विपक्ष में है. हाल ही में बिहार के खनन और भूतत्व मंत्री जनक राम कैमूर पहुंचे हैं. जहां पर उन्होंने जातीय जनणना पर अपनी बात सामने रखी है. उनका कहना है कि जनगणना के अनुसार सिर्फ हिंदू जाति की जनगणना नहीं होगी, बल्कि सभी धर्मों की जाति के लोगों की जनगणना होगी.

वहीं दूसरी ओर सीएम नीतीश कुमार ने एक बार फिर से कहा है कि जातीय जनगणना को लेकर तैयारी जारी है. शनिवार को एक कार्यक्रम से निकलने के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ‘जाति आधारित जनगणना पर फैसला हो चुका है और विभाग इसकी तैयारी कर रहा है, इसमें करीब एक महीने का समय लगेगा लेकिन जल्द ही काम शुरू हो जाएगा, हम इसके बारे में पार्टियों को सूचित करते रहेंगे और उनसे सुझाव लेते रहेंगे, यह सभी समुदायों के पक्ष में है. जातीय जनगणना हर एक परिवार का, हर धर्म के लोगों का होगा. हर जानकारी एकत्रित की जाएगी. इस पर काम शुरू हो गया है कुछ समय लगेगा.

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राज्य जनगणना करा सकता है क्या?

कोई राज्य जनगणना तो करा सकता है. लेकिन, केंद्र के ऊपर निर्भर करता है कि वह इसे मानता है या नहीं. बिहार में जातिगत जनगणना कराने के दौरान कर्नाटक मॉडल का जिक्र किया जा रहा है. पहले कहा जा रहा है कि बिहार देश का पहला राज्य होगा जहां जातिगत जनगणना होगी. लेकिन, साल 2014 में कर्नाटक में जातिगत जनगणना का फैसला लिया गया. लेकिन, विरोध शुरू होने के बाद इसका नाम ‘सामाजिक एवं आर्थिक सर्वे’ कर दिया गया. इसकी रिपोर्ट 2017 में आ गई, लेकिन इसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया.

जाति जनगणना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा

जातिगत जनगणना से कमजोर वर्ग के लोगों की कितनी संख्या है इसकी जानकारी मिलेगी. इससे विकास कार्यक्रमों को उन तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकता है और उन्हें के अनुरूप राज्य सरकार योजना बनाएगी, गरीब, भूमिहीन, भीख मांगने वाले इत्यादी को जातिगत जनगणना से लाभ मिलेगा.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा गरीब, भूमिहीन, भीख मांगने वाले इत्यादी को जातिगत जनगणना से लाभ मिलेगा

बीजेपी ने क्या कहा

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा, बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को भी चिह्नित करना होगा. मुस्लिम अगड़े, मुस्लिम पिछड़ों की हकमारी करते हैं. ऐसे में ये देखना होगा कि अगड़े, पिछड़े न बन जाएं. सर्वे गणना ओबीसी कमीशन या अन्य तरह से होनी चाहिए. बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान प्रदत्त 7वें शेड्यूल के अधिकारों में किसी तरह की छेड़खानी न हो.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल
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