भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता, अवकाश यात्रा सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा संबंधी सहायता में वृद्धि के प्रस्ताव को प्रदेश कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। ये भत्ते अधिकतम 50 प्रतिशत तक बढ़ाए गए हैं। मुख्य सचिव समिति द्वारा इन भत्तों में वृद्धि के लिए जो भी संस्तुतियां दी गई थीं, वह लागू कर दिया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में भत्तों में वृद्धि से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। वर्दी, वर्दी नवीनीकरण, वर्दी धुलाई भत्ता में वृद्धि के साथ ही गृह पुलिस विभाग से संबंधित भत्ते, अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों व अधिकारियों से संबंधित भत्ते, अवकाश यात्रा सुविधा, शिक्षा संबंधी सहायता में वृद्धि का लाभ बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश विधान सभा सचिवालय व विधान परिषद सचिवालय के कार्मिकों को मिलेगा।
मुख्य सचिव समिति की संस्तुतियों के मुताबिक गृह (पुलिस) विभाग के कार्मिकों को प्राप्त हो रहे भत्तों में वृद्धि किए जाने के साथ ही न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के कर्मचारियों को अनुमन्य वर्दी, वर्दी नवीनीकरण, वर्दी धुलाई भत्ता में वृद्धि किया गया है।
अन्य प्रकरणों में कोई संशोधन किए जाने का निर्णय नहीं लिया गया है। इन संस्तुतियों को लागू किए जाने पर राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आएगा।
उदाहरण के रूप में जिन कार्मिकों को वर्दी भत्ता के रूप में 3000 रुपये मिल रहे थे, उन्हें 4500, जिन्हें 6400 रुपये मिल रहे थे अब उन्हें 9600 रुपये तथा जिन्हें 7500 रुपये मिल रहे थे उन्हें 11,250 रुपये मिलेंगे।