उत्तर प्रदेश में करीब 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं का लोड (विद्युत भार) बढ़ा दिया गया है। इससे करीब 25 फीसदी गरीब उपभोक्ताओं की बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी की सुविधा छिन गई है।
अजीब बात यह है कि उत्तर प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन ने उपभोक्ताओं को सूचना दिए बिना उनके बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया है। यह मामला सामने आने पर उपभोक्ताओं की ओर से भारी शिकायतें आई हैं। इस पर पॉवर कॉर्पोरेशन ने अपना पक्ष रखा है। कॉर्पोरेशन का कहना है कि उपभोक्ताओं को एसएमएस से भार बढ़ाने के संबंध में सूचनाएं भेजी जा रही हैं
पावर कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर (कॉमर्शियल) प्रशांत वर्मा का कहना है कि, उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की बिजली आपूर्ति संहिता-2005 और टैरिफ आदेश वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के मुताबिक ही लोड में वृद्धि की गई है। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच हुई मीटर की बिलिंग के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने तीन बार मंजूर लोड का उल्लंघन किया है, उनके द्वारा प्रयोग की गई तीन अधिकतम मांग के आधार पर लोड का पुनर्निर्धारण किया गया है।