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Tamilnadu: पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेलवम को झटका, पलानीस्वामी बनाए गए अंतरिम महासचिव

11 Jul, 2022
Sachin
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद बताया जा रहा है कि पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम के समर्थक आपस में भिड़ गए. कार्यकारी समिति की बैठक का विरोध करने के लिए कई पनीरसेल्वम के समर्थक बैठक स्थल पहुंच गए. इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच विवाद होने लगा और साथ ही जमकर नारेबाजी भी हुई.

तमिलनाडु: तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक (AIADMK) पर वर्चस्व की जंग में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम को मद्रास हाईकोर्ट की ओर से बड़ा झटका लगा है. दरअसल, मामला यह है कि मद्रास हाईकोर्ट की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद एडप्पादी के. पलानीस्वामी को पार्टी की जनरल काउंसिल की बैठक में अन्नाद्रमुक का अंतरिम महासचिव चुना गया है. बैठक में अन्नाद्रमुक जनरल काउंसिल ने महासचिव पद को दुबारा स्थापित करने और पार्टी के प्राथमिक सदस्यों के पद के लिए एक व्यक्ति का चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रस्ताव पारित किया है. गौरतलब है कि चुनाव 4 महीने बाद होगा. इसके अलावा बैठक में पार्टी के दोहरे नेतृत्व को खत्म करने और पार्टी के लिए उप महासचिव पद सृजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है. आपको जानकारी के लिए बता दें कि आज सुबह पनीरसेल्वम को उस समय झटका लगा जब मद्रास हाईकोर्ट ने बैठक की मंजूरी दे दी. इस फैसला के बाद ही उनकी हार तय मानी जा रही है.

पार्टी में सिंगल लीडरशिप को लेकर हुआ विवाद

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक के दो शीर्ष नेता ओपीएस और ईपीएस के बीच पार्टी में सिंगल लीडरशीप लागू करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ओपीएस को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने ईपीएस द्वारा बैठक बुलाए जाने पर रोक लगाने की ओपीएस के मांग को खारिज करते हुए बैठक करने की अनुमति दी है. ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) और एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस), के बीच कई महीनों से पार्टी के वर्किंग फॉर्मेट को लेकर काफी विवाद हुआ था. ओपीएस की ओर से मौजूदा संयुक्त नेतृत्व मॉडल को जारी रखने के लिए जोर दिया जा रहा है. लेकिन ईपीएस को पार्टी जनरल के रूप में एकल नेतृत्व तलाश हैं.

पार्टी में सिंगल लीडरशिप को लेकर हुआ विवाद

एमजीआर और जयललिता को भारत रत्न देने का प्रस्ताव

अन्नाद्रमुक की आम परिषद की बैठक में पेरियार, एमजी रामचंद्रन और जे जयललिता को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पारित किया है. आपको बता दें कि ई पलानीस्वामी की अध्यक्षता में अन्नाद्रमुक की आम परिषद की बैठक में 16 प्रस्तावों के पारित होने की उम्मीद है.

हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार यानि 8 जुलाई को कहा था कि वह आम परिषद की बैठक आयोजित करने को लेकर एक याचिका पर 11 जुलाई की सुबह नौ बजे तक आदेश सुनाएगा. हाई कोर्ट ने पनीरसेल्वम की याचिका को खारिज करते हुए कार्यकारी समिति की बैठक पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका

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जमकर हुआ विवाद

हाई कोर्ट के आदेश के बाद बताया जा रहा है कि पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम के समर्थक आपस में भिड़ गए. कार्यकारी समिति की बैठक का विरोध करने के लिए कई पनीरसेल्वम के समर्थक बैठक स्थल पहुंच गए. इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच विवाद होने लगा और साथ ही जमकर नारेबाजी भी हुई. नौबत धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. जब स्थिति बिगड़ी तो मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी.

हाई कोर्ट के आदेश के बाद पलानीस्वामी और पनीरसेल्वम के समर्थक आपस में भिड़े

ओ.पनीरसेल्वम के साथ काम करना मुश्किल:  के.पी.मुनुसामी

बता दें कि अन्नाद्रमुक(AIADMK) के वरिष्ठ नेता के.पी.मुनुसामी ने शनिवार को  ओ.पनीरसेल्वम आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी कोषाध्यक्ष ओ.पनीरसेल्वम ने सत्तारूढ़ द्रमुक से नजदीकी बना ली है और अब उनके साथ किसी भी तरह का संबंध रखना असंभव है. मुनुसामी ने कहा कि पनीरसेल्वम द्रमुक शासन का पक्ष ले रहे हैं और जब वह सत्तारूढ़ दल की प्रशंसा करेंगे तो इससे अलगाव की स्थिति उत्पन्न होगी.

Edited By: Deshhit News

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