विकसित उत्तराखंड का संकल्प: राज्यपाल ने विधानसभा में पेश किया भविष्य का रोडमैप; UCC, सुशासन और सशक्तिकरण पर विशेष जोर

09 Mar, 2026
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देहरादून, 09 मार्च 2026: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र का आगाज सोमवार को माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) के ऐतिहासिक अभिभाषण के साथ हुआ। राज्यपाल ने अपने संबोधन में ‘विकसित उत्तराखंड @2047’ के विजन को साझा करते हुए राज्य सरकार की पिछले वर्षों की उपलब्धियों और आगामी प्राथमिकताओं का विस्तृत लेखा-जोखा सदन के पटल पर रखा।

रजत जयंती वर्ष और राज्य की उपलब्धियां

राज्यपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य निर्माण के शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देते हुए की। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वर्ष 2025 राज्य के लिए ‘रजत जयंती वर्ष’ (25 वर्ष) के रूप में ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में मनाए गए इस उत्सव ने राज्य के अगले 25 वर्षों के विकास की नींव रख दी है।

समान नागरिक संहिता (UCC): देश का अग्रणी राज्य

राज्यपाल ने गर्व के साथ सदन को अवगत कराया कि उत्तराखंड 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) को विधिवत रूप से लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। इसके तहत 9 महत्वपूर्ण नागरिक सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, जिससे लगभग 5.27 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए और 99% का निस्तारण भी सुनिश्चित किया गया।

सुशासन: ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’

शासन को नागरिक केंद्रित बनाने के लिए ‘जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत न्याय पंचायत स्तर पर 660 से अधिक शिविर लगाए गए। राज्यपाल ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए 1064 हेल्पलाइन को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

महिला और युवा शक्ति: सशक्तिकरण का नया दौर

राज्य की मातृशक्ति को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 2.55 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और स्वरोजगार की दिशा में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के माध्यम से हजारों परिवारों को आजीविका से जोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण सांख्यिकी और उपलब्धियां (एक नजर में)

विभाग/क्षेत्रप्रमुख उपलब्धि/आंकड़ाप्रभाव
UCC पंजीकरण5.27 लाख+ आवेदन99% त्वरित निस्तारण
महिला सशक्तिकरण2.55 लाख ‘लखपति दीदी’आर्थिक आत्मनिर्भरता
स्वरोजगार1.87 लाख+ लाभार्थीस्थानीय रोजगार में वृद्धि
पर्यटन50 लाख+ चारधाम यात्री (2025)अर्थव्यवस्था को मजबूती
पेंशन योजनाएं9.62 लाख लाभार्थी₹1,300 करोड़ का DBT भुगतान
कृषि/उद्यान27 उत्पादों को GI टैगग्लोबल मार्केट में पहचान

पर्यटन और संस्कृति: ‘विकास भी, विरासत भी’

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर चल रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के जरिए कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों का कायाकल्प किया जा रहा है। साथ ही, उत्तराखंड को दुनिया का ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ बनाने के लिए नई नीति लागू की गई है, जिससे ऋषिकेश, त्रियुगीनारायण और चंपावत जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं।

कृषि एवं ‘वोकल फॉर लोकल’

उत्तराखंड के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के तहत 22 ट्रेडमार्क पंजीकृत किए गए हैं। पहली बार ITBP की वाहिनियों को स्थानीय पशुपालकों के माध्यम से भेड़, बकरी और कुक्कुट की आपूर्ति की गई है, जिससे सीमांत क्षेत्रों की आर्थिकी सुदृढ़ हुई है।

सैनिक कल्याण: वीरों का सम्मान

सैनिक बाहुल्य राज्य होने के नाते, सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया है। इसके अलावा, परमवीर चक्र विजेताओं के अनुदान में भी भारी वृद्धि की गई है।

प्रमुख घोषणाएं और भविष्य की योजनाएं (बुलेट पॉइंट्स)

  • नैनीताल में जमरानी बांध और देहरादून में सौंग बांध पेयजल परियोजनाओं पर कार्य तीव्र गति से जारी है।
  • नैनीताल के लालकुआं में 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन की आधुनिक दुग्धशाला स्थापित की जा रही है।
  • उत्तरकाशी में एशिया का पहला ‘स्नो लेपर्ड कन्जर्वेशन सेंटर’ बनाया जा रहा है।
  • राज्य के 840 विद्यालयों में वर्चुअल और स्मार्ट कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया
  • मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत ₹1.5 लाख तक के अनुदान की व्यवस्था।
  • नई आयुष नीति 2023 और योग नीति 2025 के माध्यम से उत्तराखंड को ‘ग्लोबल वैलेंस हब’ बनाना
  • ‘विकसित उत्तराखंड 2047’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को आवास स्वीकृति।
  • पंतनगर हवाई अड्डे का विस्तार और देहरादून में नए टर्मिनल का निर्माण।
  • 11 नगर निगमों में स्मार्ट स्ट्रीट लाइट मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना।
  • सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान जारी।
  • सात वर्ष से अधिक के अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच की व्यवस्था।

अवस्थापना और कनेक्टिविटी
पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 21,300 किमी से अधिक सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है। नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में देहरादून से देश के प्रमुख शहरों (मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद) के लिए सीधी हवाई सेवा और दुर्गम क्षेत्रों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं का विस्तार किया गया है।

विकसित उत्तराखंड की ओर बढ़ते कदम
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के अंत में कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) सूचकांक में उत्तराखंड का प्रथम स्थान पर आना राज्य की सही दिशा का प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य है कि जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब उत्तराखंड देश के सबसे समृद्ध और आदर्श राज्यों की श्रेणी में सबसे ऊपर होगा।