राजस्थान को देश के प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2030 तक राज्य में 125 गीगावाट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए उन्होंने देशी और विदेशी निवेशकों को राजस्थान में निवेश करने का आमंत्रण दिया।
सोलर और विंड एनर्जी पर विशेष फोकस
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 के दौरान राजस्थान में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान 50 से अधिक निवेशकों ने हिस्सा लिया। इनमें Brookfield, ReNew, Aditya Birla Renewables, Jindal Group और Avaada जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में पहले से ही 51 हजार मेगावाट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित है। इसमें 45 हजार मेगावाट से ज्यादा सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी है।
निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
सरकार का फोकस सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइब्रिड प्रोजेक्ट और एनर्जी स्टोरेज के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर है। इसके जरिए न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है, बल्कि राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी तैयार करने का लक्ष्य है।
राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियां सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। ऐसे में सरकार आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के जरिए राज्य को राष्ट्रीय ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है।