भीड़भाड़ वाले गंगा घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के सामान पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग को पुलिस ने बेनकाब किया है।
मुस्तैद पुलिसिंग और सटीक जांच के चलते पुलिस ने एक घटना में शामिल 3 टप्पेबाजों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से टपाया का शत्-प्रतिशत माल बरामद कर लिया है।
थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल ने बताया कि दिल्ली निवासी नरेश कुमार वर्मा ने कोतवाली लक्ष्मणझूला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गीता भवन के पास गंगा घाट पर स्नान करते समय किसी अज्ञात चोर ने उनका बैग उड़ा लिया।
बैग में करीब 14 से 15 हजार रुपये की नकदी, आईफोन, कीमती घड़ी और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहन फुटेज खंगाली। जिसमे टप्पेबाज दिखाई दिए। सुरागरसी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को बाईपास तिराहा लक्ष्मणझूला से धर दबोचा।
पकड़े गए तीनों आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, जो यहां घाटों पर रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते है। आरोपियों की पहचान परेश अमरसिंह शालुंके, विनोद प्रदीप शालुंके और विक्रान्त अनिल परमाल के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का पता लगाने के लिए महाराष्ट्र पुलिस से भी संपर्क साध रही है।