Jahangir Puri Hinsa :’इसी से हमारा घर चलता था’,बुलडोजर ने सब कुछ तोड़ दिया,जानिए कौन है यह बच्चा

21 Apr, 2022
Deepa Rawat
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दिल्ली : 20 अप्रैल करीब सुबह 10 बजे एमसीडी ने अपनी कार्रवाई शुरू की. बुलडोजर चलना शुरू हुआ. बुलडोजर से सड़क पर मौजूद अवैध दुकानों को तोड़ दिया गया. इसके अलावा यहां रेहड़ी पटरी वालों पर भी बुलडोजर चला. जिन दुकानदारों ने अपनी दुकान का हिस्सा आगे तक बढ़ा दिया था, उसे भी तोड़ दिया गया.

वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर एक बुधवार से एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है. इस तस्वीर में एक बच्चा दुकान के मलबे में से कुछ सामान बटोरता नजर आ रहा है. उसके चारों तरफ टूटी हुई दुकान का मलबा और सामान पड़ा है. उसकी इसी मासूमता को देखते हुए क पत्रकार नें बच्चे से पूछा कि ये सामान क्यों बटोर रहे हो, बच्चा दुखी मन से कहता है कि इसी से हमारी दुकान और घर सब चलता था. जो बूलड़ोजर नें तोड़ दिया है.

कौन है ये बच्चा जो आज ट्विटर पर ट्रेंडिंग है ?

ये तस्वीर और कहानी है जहांगीरपुरी में उत्तरी दिल्ली नगर निगम की कार्रवाई के बाद की. दरअसल, जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हिंसा हुई थी. इसके बाद एमसीडी ने हिंसा वाली जगह पर अवैध संपत्तियों और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का ऐलान किया. जिसमे 20 और 21 अप्रैल की तारिक तय की गई. 

20 अप्रैल करीब सुबह 10 बजे एमसीडी ने अपनी कार्रवाई शुरू की. बुलडोजर चलना शुरू हुआ. बुलडोजर से सड़क पर रखीं अवैध रेहड़ी पटरी को तोड़ दिया गया. यहां एक मस्जिद के पास बनी अवैध दुकान को तोड़ा गया. इतना ही नहीं एमसीडी ने मस्जिद के गेट को भी तोड़ दिया. 

7 या 8 साल का बच्चा है जिसका नाम है ‘आसिफ’

एमसीडी की कार्रवाई के बाद कुछ मीडिया सहयोगीयों ने अतिक्रमन के बाद ग्राउंड का जायेगा लिया और ग्राउंड पर आस पास की चीजों की तहरीर करने लगे. तो उसी के दौरान एक 8 साल का बच्चा दिखाई दिया जो काफी मायुस हालत में था, वह अपनी टूटी हुई दुकान से अपना सामान बटोरते नजर आया. जिसका नाम था आसिफ, आसिफ अपनी टूटी हुई दुकान से सामान और पैसे बटोर रहा था. जब एक रिपोर्टर ने सवाल किया कि ये क्या कर रहे हो, तो उसने बताया कि इससे हमारा घर, दुकान सब इससे ही चलता था. मैं स्कूल जाता हूं और घर का काम करता हूं. एमसीडी की कार्रवाई में आसिफ के पिता अकबर की दुकान टूट गई.

आसिफ की मां जिनका नाम रहिमा है उनसे बात करने पर उन्होंने बताया कि रेहड़ी पटरी वालों को एमसीडी ने वेंडर सर्टिफिकेट दिया था कि आपको कोई नहीं हटा सकता. लेकिन इसके बावजूद बिना नोटिस दिए हमारी दुकान को तोड़ दिया गया. वहीं, आसिफ के पिता जिनका नाम अकबर है उन्होंने बताया कि जब एमसीडी ने उन्हें लाइसेंस दिया था, उसके बाद उन्होंने अपनी दुकान में फ्रिज लगाया था. बुलडोजर ने सब तोड़ दिया सब मिलाकर 80 हजार का नुकसान हुआ है. आसिफ की मां ने ऑफ कैमरा कहा, वह ईद पर बच्चों के कपड़ों के लिए पैसा इकट्ठा कर रही थी. लेकिन अब दुकान टूट गई तो ईद पर बच्चों के कपड़ों के लिए पैसा इकट्ठा कर रही थी. लेकिन अब दुकान टूट गई तो ईद कैसे मनाएंगे.

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