श्रीलंका में PM मोदी पर लगा अडानी के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का आरोप, खुलासे के बाद राहुल गांधी ने कसा तंज

13 Jun, 2022
Sachin
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अडानी समूह ने कथित तौर पर पिछले साल दिसंबर में दो विंड पॉवर प्रोजेक्ट का अनुबंध हासिल किया था, जिसमें एक मन्नार में और दूसरा पूनरिन में विकसित किया जाना था. अडानी समूह की एक सहायक कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी ने इस संबंध में श्रीलंका निवेश बोर्ड और सीईबी को अपना प्रस्ताव पेश किया था.

नई दिल्ली: अभी हाली में श्रीलंका के एक बड़े पावर प्रजोक्ट को सीधे गौतम अडानी ग्रुप को देने के लिए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर पीएम मोदी द्वारा दबाव दिए जाने के दावे को श्रीलंकाई अधिकारी ने वापस ले लिया है. साथ ही उस अधिकारी ने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. लेकिन उस अधिकारी के विरोध में राष्ट्रपति राजपक्षे ने इसका जोरदार खंडन किया है.  आरोपों है कि श्रीलंका के मन्नार जिले में 500 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजना को लगाना है उसके लिए श्रीलंका के सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (सीईबी) के अध्यक्ष एमएमसी फर्डिनेंडो ने शुक्रवार को एक संसदीय पैनल को बताया था कि राष्ट्रपति राजपक्षे ने उन्हें बताया है कि पीएम मोदी ने उन पर पवन ऊर्जा परियोजना को सीधे अडानी समूह को देने के लिए दबाव डाला था.  

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ट्विटर पर किए गए एक पोस्ट में यह साफतौर पर दिख रहा है कि फर्डिनेंडो को सार्वजनिक उद्यम समिति (सीओपीई) की खुली सुनवाई में दावा करते हुए दिखाया गया है. श्रीलंका के लोकल समाचार पत्रों की रिपोर्ट के मुताबिक, फर्डिनेंडो ने पैनल को बताया कि राष्ट्रपति राजपक्षे ने “मुझे बताया कि वह मोदी के दबाव में थे”. एक दिन बाद, राष्ट्रपति राजपक्षे ने ट्विटर पर इसका खंडन किया. राष्ट्रपति राजपक्षे ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर लिखा कि, मन्नार में एक पवन ऊर्जा परियोजना के संबंध में एक COPE समिति की सुनवाई में CEB अध्यक्ष द्वारा दिए गए एक बयान का मैं खंडण करता हूं. मैं स्पष्ट रूप से किसी विशिष्ट व्यक्ति या संस्था को इस परियोजना को प्रदान करने के लिए प्राधिकरण से इनकार करता हूँ.

इस विवाद ने घरेलू राजनीति में जोर तब पकड़ा जब राहुल गांधी ने अपनी ट्वीट में इस खबर का हेडिंग पोस्ट किया है, उसके अनुसार श्रीलंका के इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के हेड ने यह कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया ने उन्हें कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 मेगावाट वाले विंड पावर प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के लिए दवाब बनाया गया था.

अडानी समूह ने कथित तौर पर पिछले साल दिसंबर में दो विंड पॉवर प्रोजेक्ट का अनुबंध हासिल किया था, जिसमें एक मन्नार में और दूसरा पूनरिन में विकसित किया जाना था. अडानी समूह की एक सहायक कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी ने इस संबंध में श्रीलंका निवेश बोर्ड और सीईबी को अपना प्रस्ताव पेश किया था. 2021 में अडानी समूह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोलंबो पोर्ट के वेस्ट इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल को विकसित करने और चलाने के लिए सरकार द्वारा संचालित श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी (एसएलपीए) के साथ 700 मिलियन डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे.

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