मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के क्षेत्र में भी हरियाणा मजबूत स्थिति में है। प्रदेश में 455 कि.मी. लंबी छायंसा-झज्जर-हिसार पाइपलाइन, 921 कि.मी. लंबी दादरी-बवाना-नांगल पाइपलाइन, 132 कि.मी. लंबी दादरी-पानीपत पाइपलाइन हैं। साथ ही, एच.वी.जे-जी.आर.ई.पी.-डी.वी.पी.एल नेटवर्क पूरी तरह संचालित हैं, जबकि मेहसाणा-बठिंडा पाइपलाइन आंशिक रूप से चालू है।
इसके अतिरिक्त, पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइनों में रेवाड़ी-कानपुर, जामनगर-लोनी और मुंद्रा-दिल्ली पाइपलाइन पूरी तरह कार्यरत हैं, जबकि पियाला-जेवर पाइपलाइन का निर्माण कार्य जारी है। कुल मिलाकर, हरियाणा में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एल.पी.जी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी भी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि कल ही उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों से बैठक कर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के बारे में जानकारी प्राप्त की है, कहीं कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ने भी इस विषय में विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से कल ही संवाद करके स्थिति का जायजा लिया है। साथ ही, उन्होंने विश्वास दिलाया है कि केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति को निर्बाध व पर्याप्त बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान हालातों में आने वाली लोगों की समस्या सुनने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर तथा उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तर पर वॉर -रूम स्थापित किये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि आप वर्तमान स्थिति में प्रधानमंत्री के संकल्प को समझे और इस समय सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान स्थिति, सरकार के संकल्प और उठाए गए ठोस कदमों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए ताकि, प्रदेश के लोग पूरी तरह जागरूक और सूचित रह सकें।
नायब सिंह सैनी ने पेट्रोलियम पदार्थों की कमी का भ्रम फ़ैलाने वाले विपक्षी नेताओं से आग्रह किया कि वे जनता को भ्रमित न करें , बल्कि आपदा के समय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा में भी राजनीति तलाशना कांग्रेस का हमेशा से एजेंडा रहा है , लेकिन लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे।