औषधि नियंत्रण विभाग दवा बिक्री की धांधली को लेकर हुआ सख्त

16 Jan, 2024
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रेवाड़ी: जिले के मेडिकल स्टोर संचालक अब दवा बेचने और उसके रिकॉर्ड में धांधलेबाजी नहीं कर पाएंगी. इसे लेकर औषधि नियंत्रण विभाग सख्त हो गया है और सभी प्रकार की दवा का पूरा रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के लिए ‘साथी’ नाम से एक ऐप तैयार किया है और प्रत्येक मेडिकल स्टोर संचालक को ऐप अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर डाउनलोड करना आवश्यक होगा.

अब मेडिकल स्टोर संचालक ने किन-किन दवा का कितनी मात्रा में ऑर्डर दिया, कितनी प्राप्त हुई और किस ग्राहक को बेची, इसकी पूरी जानकारी एप पर अपलोड करनी होगी. ताकि दवा बिक्री में पारदर्शिता आ सकें. प्रदेश सरकार ने नशे को रोकने के लिए काफी सक्रिय है. इसके चलते मेडिकल स्टोर संचालकों सहित नशे की तस्करी करने वालों के खिलाफ पुलिस के सहयोग से जिला औषधि नियंत्रण विभाग अभियान चला रहा है.इसके अलावा मेडिकल स्टोर संचालकों को नशीली दवा एवं प्रतिबंधित दवा नहीं बेचने और दवा का रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

सीसीटीवी कैमरा लगाना आवश्यक कैंसर, मस्तिष्क सहित कई गंभीर बीमारियों की दवाओं और इंजेक्शन को रखने के लिए माइनस आठ तापमान की आवश्यकता होती है. दवा को अनुकूल माहौल देने के लिए रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है. कई बार देखने में आया है कि मेडिकल स्टोर संचालक रात में घर जाते समय लाइट के साथ रेफ्रिजरेटर भी बंद कर देते हैं. इसकी अब सीसीटीवी कैमरा द्वारा इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी.

साथी के ट्रायल में कुछ खामियां पाई गई थीं. उसे दूर किया जा रहा है. उसके बाद सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को ये ऐप डाउनलोड करना आवश्यक होगा. इसमें दवा के थोक विक्रेता भी शामिल हैं. सरकार रेफ्रिजरेटर में रखी जाने वाली दवा को लेकर भी गंभीर है. सीसीटीवी कैमरा लगाना भी आवश्यक है.
-संदीप गहलान, जिला औषधि नियंत्रक

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