लखनऊ, 27 सितंबर। देवीपाटन मंडल में एक लाख विद्यार्थियों को स्टडी टेबल मिलने के बाद बच्चों की खुशी उनके आभार पत्रों में भी नजर आ रही है। किसी छात्र ने फूलों से चिट्ठी सजाई, तो किसी ने स्टडी टेबल का चित्र बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। कई बच्चों ने अपनी चिट्ठियों में बताया कि टेबल मिलने से घर पर पढ़ाई करने में उन्हें सुविधा हो रही है।
बच्चों ने लिखे आभार पत्र

स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि वह टेबल और पढ़ाई की सामग्री मिलने से काफी खुश है। उसने बताया कि वह रोज स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है। स्वाती ने अपनी चिट्ठी को फूलों से सजाने के साथ स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया।
कक्षा छह की छात्रा सबा ने भी अपनी चिट्ठी में स्टडी टेबल मिलने के बाद पढ़ाई में हुए बदलाव के बारे में लिखा।

उसने बताया कि पहले घर पर पढ़ाई करने में असुविधा होती थी, लेकिन अब पढ़ाई करना आसान हो गया है। सबा ने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। उसने पत्र के साथ स्टडी टेबल का चित्र बनाकर ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश भी लिखा।
पढ़ाई में बढ़ी एकाग्रता
कक्षा सात की छात्रा नुजहत फातिमा ने नीले चार्ट पेपर पर मुख्यमंत्री के नाम आभार पत्र तैयार किया। उसने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में ज्यादा एकाग्र होकर पढ़ पा रही है।

नुजहत ने बताया कि वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने के लिए करती है। पत्र में उसने पढ़ाई करती हुई छात्रा का चित्र भी बनाया।
चित्रों में दिखी बच्चों की खुशी
बच्चों के आभार पत्रों में उनकी रचनात्मकता भी देखने को मिली। कुछ बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चित्र बनाए। एक पोस्टर में ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ का संदेश लिखा गया, जबकि दूसरे में ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी’ लिखा गया।

एक बच्चे ने ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल का चित्र बनाया। इन पत्रों और पोस्टरों में बच्चों ने अपने तरीके से स्टडी टेबल मिलने की खुशी जाहिर की।

एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य पूरा
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार, देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है।
अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को घर पर पढ़ाई के लिए बेहतर जगह उपलब्ध कराना और उनमें नियमित एवं एकाग्र अध्ययन की आदत को बढ़ावा देना है। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए स्टडी टेबल को उनके व्यक्तिगत स्टडी स्पेस के तौर पर विकसित करने की पहल की गई है।
बहराइच में सबसे ज्यादा वितरण
अभियान के तहत बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 स्टडी टेबल वितरित की गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 टेबल बांटी गईं। इस तरह चारों जिलों में कुल एक लाख स्टडी टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया गया।
मेधावी छात्रों और कस्तूरबा की छात्राओं को लाभ
‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को भी योजना के लाभार्थियों में शामिल किया गया है। अभियान को आगे भी जारी रखने की योजना है, ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।