भव्य तीज उत्सव में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक, शिव-शक्ति की प्रस्तुति ने मोहा मन

16 Aug, 2026
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देहरादून, 16 अगस्त 2026। हरियाली तीज के पावन अवसर पर महावर वैश्य महिला विकास समिति, देहरादून की ओर से रविवार को श्री तपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भव्य तीज उत्सव-2026 का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति और सामाजिक एकजुटता से सजे इस कार्यक्रम में महिलाओं और परिवारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पूरे आयोजन के दौरान तीज के पारंपरिक रंग और उल्लास देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाम छह बजे महिला मंडल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सहभागिता कर तीज की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार नितिन चक्रधारी की विशेष प्रस्तुति रही। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘एक प्रेम कथा—शिव और शक्ति’ ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति के माध्यम से प्रेम, समर्पण, सम्मान, क्रोध, तांडव, बंधन, अधीरता और भक्ति जैसे भावों को प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया।

इसी क्रम में ‘मां कालका की महिमा’ नामक विशेष प्रस्तुति ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। ‘मां कालका के दिव्य’ स्वरूप, शक्ति, आशीर्वाद और भक्तों के प्रति उनकी कृपा का भावपूर्ण मंचन किया गया। धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत इस प्रस्तुति के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि तीज उत्सव का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपराओं का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना भी है। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोकाचार से जोड़ने का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं एवं परिवारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। उत्सव के दौरान तीज के पारंपरिक गीत-संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक कार्यक्रमों ने माहौल को उल्लासपूर्ण बनाए रखा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर रात नौ बजे स्वरुचि भोज का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने सहभागिता की। आयोजन को सफल बनाने में महावर वैश्य महिला विकास समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

समिति की ओर से कार्यक्रम में शामिल हुए सभी अतिथियों, महिलाओं और परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि समाज की सहभागिता और सहयोग से ही भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाया जा सकता है।