अमेरिका के मिडटर्म चुनाव नतीजों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1600 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी भी 400 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।बाजार में आई इस तेजी के पीछे अमेरिका से आए राजनीतिक संकेतों को अहम माना जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में बड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 10 फीसदी तक टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गईं। इन दोनों घटनाक्रमों ने वैश्विक बाजारों का रुख बदल दिया और भारतीय निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।
बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1621 अंकों की छलांग
गुरुवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स तेजी के साथ खुला। बुधवार को सेंसेक्स 77,301 के स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में यह 1621 अंक चढ़कर 78,922 के स्तर पर पहुंच गया।नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी इसी तरह की तेजी देखने को मिली। बुधवार को 23,960 पर बंद हुआ निफ्टी गुरुवार को शुरुआती कारोबार में 432 अंक उछलकर 24,392 के स्तर पर पहुंच गया।बाजार में अचानक आई इस तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ा दिया। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय शेयरों पर भी दिखाई दिया।
ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में बड़ा झटका
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए निराशाजनक रहे। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल किया।प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर हुए चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को 228 सीटें मिलीं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 139 सीटों पर सिमट गई। सदन में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। डाउ जोन्स में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इसका असर दूसरे वैश्विक बाजारों के सेंटीमेंट पर भी पड़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट
भारतीय शेयर बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी एक बड़ी वजह रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 10 फीसदी टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया।लंबे समय से कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत समेत दुनिया के कई शेयर बाजारों के लिए चिंता का कारण बनी हुई थीं। तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ने, महंगाई का दबाव बढ़ने और कंपनियों की लागत प्रभावित होने की आशंका रहती है।ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर उन कंपनियों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद रहती है, जिनका कारोबार कच्चे तेल और ऊर्जा लागत से प्रभावित होता है।
निवेशकों की नजर अब बाजार की आगे की चाल पर
अमेरिकी चुनाव नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार को मजबूत शुरुआत दी है। सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है।हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों की खरीदारी पर निर्भर करेगी। ऐसे में कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना अहम होगा।