बड़ी खबर: हरिद्वार छोड़ 12 जिलों में पंचायत उपचुनाव, 15 जुलाई को नामांकन से मतगणना तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

07 Jul, 2026
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हरिद्वार को छोड़ 12 जिलों में पंचायत उपचुनाव, 15 जुलाई से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य के हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष 12 जिलों में विभिन्न कारणों से रिक्त हुई पंचायत सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। जिला प्रशासन और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों के निधन, इस्तीफे, अयोग्यता अथवा अन्य कारणों से खाली हुई ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की विभिन्न सीटों पर उपचुनाव कराया जाना आवश्यक है। इन रिक्त पदों को भरने के लिए संबंधित जिलों में निर्वाचन कार्यक्रम लागू होगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 जुलाई से नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रत्याशी निर्वाचन नियमों के अनुरूप पात्र हैं। जांच के बाद उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि तक अपना नाम वापस लेने का अवसर मिलेगा। इसके पश्चात अंतिम प्रत्याशी सूची जारी की जाएगी और सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद प्रचार अभियान शुरू होगा और तय तिथि पर संबंधित मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी और उसी प्रक्रिया के अंतर्गत विजयी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कर्मियों की नियुक्ति, निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता तथा मतदाताओं की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। आयोग ने अधिकारियों से आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।

इस उपचुनाव में केवल उन्हीं सीटों पर मतदान होगा, जो वर्तमान में रिक्त हैं। जिन पंचायतों में कोई पद रिक्त नहीं है, वहां चुनाव नहीं कराया जाएगा। हरिद्वार जिले को इस उपचुनाव कार्यक्रम से बाहर रखा गया है, जबकि राज्य के अन्य 12 जिलों में निर्धारित रिक्त पदों के लिए निर्वाचन कराया जाएगा।

पंचायत उपचुनाव ग्रामीण स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। लंबे समय तक रिक्त रहने वाले पदों के कारण विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों पर असर पड़ता है। ऐसे में इन पदों पर नए प्रतिनिधियों के चुने जाने से पंचायतों का कामकाज सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी इन चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान शुरू करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, मतदाताओं से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने और शांतिपूर्ण वातावरण में मतदान करने की अपील की गई है। आयोग को उम्मीद है कि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी तथा सभी रिक्त पंचायत पदों पर नए जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।