नई दिल्ली: CRIS इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन (CEWA) ने अपना 8वां स्थापना दिवस एवं वार्षिक आम बैठक (AGM) आयोजित कर कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों के अधिकारों, पारदर्शिता और कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष मुकेश चौबे, मीडिया प्रभारी बृजेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण व्यास, उपाध्यक्ष प्रशांत पंत, सचिव रमन अरोड़ा, संयुक्त सचिव जितेंद्र नागर, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, संयुक्त कोषाध्यक्ष योगेश कुमार सहित कार्यकारी समिति के सदस्य—अनिल चौधरी, पूजा मेहरा, रोहित यादव, भावना मीना एवं प्रयशी पांडेय उपस्थित रहे।

मीडिया प्रभारी बृजेन्द्र सिंह ने संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि CEWA का उद्देश्य CRIS इंजीनियरों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा तथा रेलवे में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सतत एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है।
बीमा राशि पर जताई नाराजगी
हाल ही में एक वरिष्ठ कर्मचारी के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए CEWA ने वर्तमान ₹5 लाख की बीमा राशि को अपर्याप्त बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि यह राशि वर्ष 2007 से निर्धारित है, जो वर्तमान महंगाई के हिसाब से अव्यावहारिक है।
👉 मुख्य मांग:
बीमा/मुआवजा राशि को बढ़ाकर न्यूनतम ₹1 करोड़ किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
CEWA की प्रमुख मांगें
संगठन के लिए स्थायी कार्यालय स्थान आवंटित किया जाए तथा CRIS अधिकारियों के साथ नियमित तिमाही बैठकें हों।
पदनाम परिवर्तन में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित की जाए।
तकनीकी कर्मियों का GC बैठक में प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाए।
EPFO उच्च पेंशन से जुड़ी विसंगतियां दूर कर पुराने कर्मचारियों को लाभ दिया जाए।
गलत EPFO कटौतियों की वापसी सुनिश्चित की जाए।
हाउस लीज दरों में वृद्धि और अन्य भत्तों को रेलवे/DMRC के समान किया जाए।
स्वास्थ्य जांच से जुड़े नियमों को पुनः लागू किया जाए।
मृतक आश्रित नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए।
कैंटीन भत्ता बहाल किया जाए।
तकनीकी एवं गैर-तकनीकी कर्मचारियों के प्रमोशन में समानता हो।
JSE से ASE पदोन्नति में विसंगतियों का समाधान किया जाए।