काबुल: अफगानिस्तान पर कब्जा लेने के बाद तालिबान अब अपनी सरकार का गठन कर रहा है। इसके लिए प्रांतों में गवर्नर की तैनाती के साथ ही अलग अलग विभाग बनाकर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। तालिबान ने दुनिया की सबसे खतरनाक जेल का कैदी और शांतिवार्ता के विरोधी मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर को देश का रक्षा मंत्री बना दिया है।
तालिबान के समाचार चैनल अल जज़ीरा ने सूत्र का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है, कि मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर एक अनुभवी तालिबानी कमांडर है और तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का करीबी सहयोगी भी है। रिपोटर्स के अनुसार, अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आतंकी हमले के बाद उसे 2001 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं ने पकड़ लिया था और 2007 तक ग्वांतानामो बे की जेल में बंदी बनाकर रखा गया था। बाद में उसे रिहा कर दिया गया और अफगान सरकार को सौंप दिया गया। मुल्ला अब्दुल की गिनती तालिबान के खूंखार आतंकियों में होती है। बता दें कि ग्वांतानामो बे क्यूबा में अमेरिकी सेना की एक उच्च सुरक्षा वाली जेल है, जहां हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों को कैद में रखा जाता है।
अफगानिस्तानी मीडिया के मुताबिक मुल्ला उमर तालिबान और अफगान सेना की शांति वार्ता का विरोधी था और अफगानिस्तान में चुनाव के दौरान हिंसा की जिम्मेदारी भी उसे सौंपी गई थी। साथ ही अब्दुल कय्यूम जाकिर के कई साल पाकिस्तान में भी रहने का दावा किया जाता है।पंजशीर में अफगानी सेना के साथ जारी जंग और अमेरिकी सेना के लिए डेडलाइन के एलान के बीच जाकिर पर ये जिम्मेदारी बड़ी हो जाती है।