लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर में (In Gorakhpur) ऐतिहासिक गीता प्रेस के शताब्दी समारोह (Centenary Celebrations of Historic Gita Press) के समापन समारोह में (In Closing Ceremony) भाग लिया (Participated) । इस दौरान उन्होंने चित्रमय शिव पुराण ग्रंथ का विमोचन किया । प्रधानमंत्री गीता प्रेस में लीला चित्र मंदिर भी गए । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरखपुर और काशी के दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। काशी में पीएम लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों का भी जायजा लेंगे और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विरासत और विकास दोनों एक साथ चलेंगे। गीता प्रेस विश्व का इकलौता ऐसा प्रिंटिंग प्रेस है जो संस्था नहीं है बल्कि जीवंत आस्था है। गीताप्रेस किसी भी मंदिर से कम नहीं है, इसके नाम में भी गीता है और काम में भी गीता।
उन्होनें कहा की गीताप्रेस विश्व का ऐसा इकलौता प्रिंटिंग प्रेस है, जो सिर्फ एक संस्था नहीं है बल्कि, एक जीवंत आस्था है। गीता प्रेस का कार्यालय, करोड़ों-करोड़ लोगों के लिए किसी भी मंदिर से जरा भी कम नहीं है। इसके नाम में भी गीता है, और इसके काम में भी गीता है। और जहां गीता है- वहाँ साक्षात् कृष्ण हैं। और जहां कृष्ण हैं- वहाँ करुणा भी है, कर्म भी हैं। वहाँ ज्ञान का बोध भी है और विज्ञान का शोध भी है। क्योंकि, गीता का वाक्य है- ‘वासुदेवः सर्वम्’। सब कुछ वासुदेवमय है, सब कुछ वासुदेव से ही है, सब कुछ वासुदेव में ही है।
कहा कि 100 वर्षों से यह संस्था पूरी मानवता को प्रकाश दे रहा है। धार्मिक पुस्तकों के माध्यम से मार्गदर्शन कर रहा है। हमारी सरकार ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिया है, यह सम्मान गीता प्रेस के 100 वर्षों के विरासत का सम्मान है। मैंने सोशल मीडिया पर गोरखपुर स्टेशन की फोटो डाला तो लोग हैरान हो गए। पीएम ने कहा कि यह गीता प्रेस का कार्यालय करोड़ों लोगों के लिए मंदिर है। यहां गीता का नाम है, इसका मतलब यहां कृष्ण हैं।

उन्होंने कहा कि संतों की सदस्य कभी निष्फल नहीं होती। इसी संकल्प का परिणाम है कि आज हमारा भारत सफलता के नित नए आयाम को छू रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गीता प्रेस ने घर-घर में हमारी संस्कृति और विरासत को पहुंचाया है। गीता प्रेस इस बात का प्रमाण है कि अगर मूल्य व उद्देश्य पवित्र हों तो सफलता पर्याय बन सकती है।

पीएम मोदी ने कहा अपना देश विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चल रहा है। काशी और अयोध्या इसका सटीक उदाहरण हैं।