हाईकोर्ट ने नायडू की अंतरिम जमानत के लिए अतिरिक्त शर्तों की याचिका की खारिज

03 Nov, 2023
Deepa Rawat
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अमावती, 3 नवंबर (आईएएनएस) आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कथित कौशल विकास घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को दी गई अंतरिम जमानत के लिए नई शर्तें लगाने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति मल्लिकार्जुन राव की एकल न्यायाधीश पीठ ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सुप्रीमो की अंतरिम जमानत पर अतिरिक्त शर्तें लगाने के लिए अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की याचिका पर आदेश सुनाया।

31 अक्टूबर को उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य आधार पर नायडू को चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी। और उसी दिन, वह राजमुंदरी जेल से बाहर आ गए, जहां उन्हें 52 दिनों तक बंद रखा गया था।

जमानत देते हुए कोर्ट ने कुछ शर्तें लगाई थीं।

लेेेेकिनन बाद में सीआईडी ने अतिरिक्त शर्तों की मांग करते हुए एक याचिका दायर की।

अदालत ने दो डीएसपी-रैंक अधिकारियों को नायडू के साथ रखने और जो हो रहा था उस पर अदालत को रिपोर्ट करने की सीआईडी की याचिका खारिज कर दी।

सीआईडी के वकील और अतिरिक्त महाधिवक्ता पोन्नावोलु सुधाकर ने अदालत को बताया था कि नायडू ने पहले ही जमानत के लिए एचसी द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने अदालत को बताया कि नायडू ने राजमुंदरी केंद्रीय जेल से सड़क मार्ग से वुंदावल्ली स्थित अपने घर जाते समय एक राजनीतिक रैली की और अपनी रिहाई के तुरंत बाद जेल परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित किया।

उन्होंने इन उल्लंघनों पर पेन ड्राइव में सबूत अदालत को सौंपे।

सीआईडी चाहती थी कि दो पुलिस अधिकारी नायडू का पीछा करें।

लेकिन अदालत ने वकील से राज्य की खुफिया शाखा की मदद से नायडू पर नजर रखने को कहा।

नायडू के वकील दम्मलपति श्रीनिवास ने तर्क दिया था कि नायडू पर अतिरिक्त शर्तें लगाने से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि नायडू ने अंतरिम जमानत शर्तों का उल्लंघन किया है।

अतिरिक्त शर्तों के लिए सीआईडी की याचिका खारिज करते हुए अदालत ने फैसला सुनाया कि अंतरिम जमानत देते समय लगाई गई शर्तें जारी रहेंगी।

नायडू को मामले पर मीडिया से बात करने और किसी भी राजनीतिक रैली में भाग लेने से रोक दिया गया है।

–आईएएनएस

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