भारत-यूएई में करार : सरल व सुविधाजनक होगा छात्रों और फैकल्टी का आवागमन

01 Nov, 2023
Deepa Rawat
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नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और यूएई के बीच छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों को सुगम बनाने पर चर्चा की जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शिक्षा मंत्री डॉ. अहमद अल फलासी ने शैक्षणि‍क सहयोग को मजबूत करने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

इससे छात्रों और फैकल्टी के आवागमन में सुविधा होगी। इसके अलावा यह कदम दोहरी व्यवस्था, संयुक्त डिग्री और दोहरी डिग्री कार्यक्रमों की पेशकश के लिए दोनों देशों के उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग की सुविधा भी प्रदान करेगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्रप्रधान, संयुक्त अरब अमीरात के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। यूएई के शिक्षा मंत्री के साथ बैठक के दौरान प्रधान ने कहा कि यूएई एक वैश्विक आर्थिक हॉटस्पॉट है और भारत एक वैश्विक प्रतिभा हॉटस्पॉट है। इस लिहाज से दोनों देशों को अपने सभ्यतागत जुड़ावों को मजबूत करने के लिए एक ज्ञान सेतु निर्मित करने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए।

बैठक के दौरान मंत्रियों ने एक महत्वपूर्ण सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए। सहमतिपत्र का उद्देश्य, छात्र और फैकेल्टी के आवागमन, संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रम, पाठ्यक्रम डिजाइन करना, दोनों देशों के आपसी हितों से संबंधित क्षेत्रों में वैज्ञानिक और शैक्षिक प्रदर्शनियों का आयोजन और भागीदारी करके दोनों देशों में शैक्षणिक संस्थानों के क्षेत्र में मौजूदा सहयोग को मजबूत करना है। यह विभिन्न क्षेत्रों में सूचनाओं के आदान-प्रदान की भी सुविधा प्रदान करेगा। इनमें दोनों देशों के सामान्य और उच्च शिक्षा में विनियम, कानूनी संरचनाएं और सर्वोत्तम तौर-तरीके। दोनों देशों के बीच योग्यता की पारस्परिक मान्यता को सुविधाजनक बनाने के लिए राष्ट्रीय योग्यता फ्रेमवर्क सहित सामान्य और उच्च शिक्षा के लिए फ्रेमवर्क और नीतियां। प्रतिभाशाली कौशल विकास, परामर्श और कल्याण के क्षेत्रों में फ्रेमवर्क व नीतियां शामिल हैं।

इस सहमति पत्र के तहत तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) शिक्षण कर्मियों के क्षमता-विकास के क्षेत्र में सहयोग की परिकल्पना की गई है। सहमति पत्र एक संयुक्त कार्यसमूह के निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा, जिसकी अध्यक्षता भारत और संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि करेंगे।

इस सहमति पत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए संयुक्त कार्यसमूह (जेडब्लूजी) वर्ष में कम से कम एक बार बारी-बारी से बैठक आयोजित करेगा। प्रधान ने अबू धाबी इंडियन स्कूल (एडीआईएस) में छात्रों और शिक्षकों के साथ सार्थक चर्चा की। प्रधान ने कहा कि अबू धाबी में भारतीय समुदाय के सबसे बड़े स्कूलों में से एक, एडीआईएस भारतीय छात्रों का बेहतर मार्गदर्शन कर रहा है और उन्हें भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात, दोनों देशों की संस्कृति, मूल्यों एवं लोकाचार से ओतप्रोत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि ये छात्र भविष्य के वैश्विक नागरिक और भारत एवं इसके सभ्यतागत लोकाचार के दूत हैं। बाद में शाम को केंद्रीय मंत्री ने उड़िया समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय प्रवासियों ने उनका स्वागत किया। दोनों मंत्रियों ने शिक्षा और कौशल विकास में द्विपक्षीय गतिविधियों की समीक्षा की।

धर्मेंद्र प्रधान ने यूएई में भारतीय पाठ्यक्रम का पालन करने वाले स्कूलों को समर्थन देने के लिए डॉ. अहमद बेलहौल को धन्यवाद दिया। धर्मेंद्र प्रधान ने अबू धाबी में अभिनव और परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल ‘42 अबू धाबी’ का भी दौरा किया। वह यूएई के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।

–आईएएनएस

जीसीबी/एबीएम