नीलकंठ महादेव के दर्शन कर लौट रहे हरियाणा के पांच युवक रास्ता भटक कर राजाजी नेशनल पार्क के उस खतरनाक ‘कोर एरिया’ में जा पहुंचे, जहां बाघों और हाथियों का सीधा खतरा बना रहता है। शुक्रवार को लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कई घंटों के कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद इन सभी को सकुशल रेस्क्यू कर लिया। पुलिस के अनुसार, कंट्रोल नंबर 112 के माध्यम से सूचना मिली कि नीलकंठ दर्शन कर लौट रहे कुछ श्रद्धालु रास्ता भटक गए हैं और घने जंगल के बीच फंस गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, तो पता चला कि युवक विंध्यवासिनी मंदिर से करीब 6 किमी दूर राजाजी नेशनल पार्क के अति संवेदनशील ‘महादेव पानी’ इलाके में हैं। यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का कोर जोन होने के कारण बेहद खतरनाक माना जाता है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। घने जंगल और जंगली जानवरों के डर के बीच टीम ने अथक प्रयासों के बाद पांचों युवकों को खोज निकाला और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले आए। सभी युवक ग्राम जुरासी खालसा, थाना समालखा, जिला पानीपत हरियाणा के निवासी हैं। जिनके नाम चमन लाल, कुलदीप, साहिल, गोविंद, मनीष है। रेस्क्यू करने वाली जांबाज टीम में SSI प्रकाश पोखरियाल, SI नवीन पुरोहित, होमगार्ड मोहित, PRD कुंवर प्रताप, वन विभाग से आरक्षी गौरव, हरि सिंह, केशव एवं बीट सहायक सुरेंद्र शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रास्तों का ही प्रयोग करें और अनजान जंगली रास्तों पर जाने का जोखिम न उठाएं।